Thursday, October 8, 2020

अमिताभ बच्चन के शानदार अभिनय ने लूटी महफिल

 अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना की फिल्म 'गुलाबो सिताबो' अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम हो चुकी है। लॉकडाउन की वजह से यह फिल्म थियेटर्स में ना रिलीज होकर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज की गई। इस फिल्म को लेकर अच्छा खासा बज़ है। फैमिली एंटरटेनर कहकर प्रमोट की गई शूजित सरकार की फिल्म 'गुलाबो सिताबो' कैसी है आइए जानते हैं। 


कहते हैं लालच का फल बुरा होता है, लेकिन इसे जानते हुए भी लोग मानने को तैयार नहीं होते हैं। जूही चतुर्वेदी के द्वारा लिखी गई फिल्म 'गुलाबो सिताबो' भी इसी लालच पर बेस्ड है। पुराने लखनऊ में ऐसे कई किस्से हैं, जहां किराएदार 50-60 सालों से रह रहे होते हैं और फिर धीरे-धीरे उस मकान पर कब्जा कर लेते हैं। कुछ ऐसे ही किस्सों से सजी फिल्म है गुलाबो सिताबो। जिसमें मिर्जा यानी कि अमिताभ बच्चन को अपनी पुरानी हवेली का लालच जो कि उससे 17 साल बड़ी बेगम के नाम है। वहीं बांके (आयुष्मान खुराना) को लालच है कि कैसे वो हवेली में रहे और उसे किराया भी ना देना पड़े। फिल्म की शुरुआत से ही दोनों में चूहे-बिल्ली की लड़ाई चलती रहती है। जहां मिर्जा अपनी बेगम के मरने का इंतजार करता है और प्रॉपर्टी अपने नाम कराने की कोशिश करता है, वहीं दूसरी तरफ बांके कोशिश करता है कि पुरातत्व विभाग वाले इस बिल्डिंग पर कब्जा कर लें जिससे उसे रहने के लिए घर मिल जाए और बूढ़े मिर्जा की प्रॉपर्टी उससे छिन जाए। पूरी फिल्म में ऐसे ही नोंक झोंक चलती रहती है, बीच बीच में हंसी की फुहार भी चलती है। लेकिन क्या ये फिल्म लोगों को पसंद आएगी?



200 देशों में 15 भाषाओं में अमेजन पर स्ट्रीम होगी अमिताभ-आयुष्मान की फिल्म 'गुलाबो सिताबो'


फिल्म शुरुआत से लेकर अंत तक एक वही फातिमा हवेली को लेकर चलती है, जो बीच बीच में हमें बोरियत का एहसास भी कराती है, बॉलीवुड मसाला फिल्मों के शौकीन शायद इस फिल्म को पसंद ना करें। फिल्म में विजय राज, ब्रजेन्द्र काला, और फार्रूख जफर जैसे तमाम उम्दा कलाकार हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि इनके टैलेंट का ठीक तरह से इस्तेमाल नहीं हुआ। सृष्टि श्रीवास्तव जरूर निखरकर सामने दिखी हैं।


गुलाबो सिताबो का पब्लिक रिव्यू: अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना की फिल्म को ट्विटर पर मिला ऐसा रिस्पॉन्स


अमिताभ बच्चन ने इस फिल्म में प्रोस्थेटिक का इस्तेमाल किया था, उनकी नकली नाक साफ पता चलती है जो अखरती है। हालांकि अभिनय की बात करें तो पूरी लाइमलाइट अमिताभ बच्चन ले गए। इस उम्र में इतना शानदार काम सिर्फ वही कर सकते हैं। अमिताभ के आगे आयुष्मान खुराना जरूर धूमिल हो गए। उर्दू बोलने में आयुष्मान को जो मशक्कत करनी पड़ रही थी वो भी समझ में आ रहा था। 


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फिल्म का कैमरा वर्क अच्छा है, जो पुराने लखनऊ को करीब से दिखाता है। फिल्म में पपेट शो दिखाया गया है, जो काफी इंटेस्टिंग तरीके से फिल्म को आगे बढ़ाता है।


फिल्म का क्लाइमैक्स जरूर शानदार है और अनएक्सपेक्टेड है, जो आपको हंसाएगा। हल्की फुल्की फिल्में देखने के शौकीन हैं, तो आपको यह फिल्म पसंद आएगी, अगर आप बॉलीवुड मसाला फिल्में पसंद करते हैं तो शायद आपको इस फिल्म से निराशा होगी। इंडिया टीवी इस फिल्म को देता है 5 में से 2.5 स्टार।

कमजोर स्क्रीनप्ले के साथ भी रश्मि देसाई

 Tamas Movie review: रश्मि देसाई और अध्विक महाजन की शॉर्ट फिल्म 'तमस' लंबे समय से चर्चा में थी। आखिरकार आज यह फिल्म रिलीज हो गई है। 23 मिनट की यह शॉर्ट फिल्म हमें इंसानियत का पाठ पढ़ाती है। यह कहानी ऋषि नाम के एक लड़के की है जो लॉकडाउन और गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप की वजह से परेशान है। ऐसे में उसकी मदद करती है पड़ोस में रहने वाली लड़की साइना। ऋषि की मेंटैलिटी ऐसी है कि उसे मुसलमानों से नफरत है, फिल्म में एक सस्पेंस भी है।



यह फिल्म उन लोगों पर चोट करती है जो धर्म और जाति की वजह से लोगों में फर्क करते हैं और अपने करीबी दोस्तों का भी मजाक उड़ाने से पीछे नहीं रहते हैं। यह फिल्म आपको जरूर देखनी चाहिए और लोगों को भी दिखानी चाहिए।



अभिनय  की बात करें तो रश्मि देसाई थोड़े समय के लिए स्क्रीन पर आती हैं लेकिन अपने अभिनय और चार्म से शोभा बिखेरती हैं। उनका अभिनय बेहद नेचुरल लगा है। अध्विक भी  अभिनय में बेहद नेचुरल लगे हैं। लेकिन फिल्म का स्क्रीनप्ले कमजोर था, इस कहानी को  और बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता था।


कमजोर कड़ियां:

दीवार के इस पार से आपस में बात करना ठीक है लेकिन दीवार के उस पर लड़की के हाथ में फोन है और लड़का इस पार से फोन पर घरवालों और दोस्तों से बात करता है ये थोड़ा अजीब लगता है।

फिल्म बहुत ही प्रिडिक्टिबल है, शायद फिल्म के पोस्टर में रश्मि देसाई का लुक दिखा दिया गया है इसलिए।

ब्रीद इनटू द शैडोज

 अभिषेक बच्चन के डिजिटल डेब्यू वाली ब्रीद-इनटू द शैडोज रिलीज हो चुकी है। मयंक शर्मा के निर्देशन में बनी ये क्राइम बनाम साइकोलॉजिकल थ्रिलर सीरीज है वही चूहे बिल्ली की भागमभाग कहानी लेकर सामने आई है, जिसे आप कई फिल्मों में देख चुके हैं। फिल्म की कहानी एक बच्ची के खोने और उसके बाद के घटनाक्रमों पर लिखी गई है लेकिन चूंकि कई विदेशी सीरीज में ऐसी कहानी लोग देख चुके हैं इसलिए इसे नया तो नहीं कहा जा सकता है लेकिन नए तरीके से परोसा गया जरूर कह सकते हैं। सच कहूं तो मुझे सीरीज से ज्यादा अच्छा सीरीज का ट्रेलर लगा जिसमें सीरीज की अपेक्षा ज्यादा कसावट और सस्पेंस था।



ब्रीद सीजन 1 में काम कर चुके अमित साध ने पिछली बार के मुकाबले बॉडी ज्यादा अच्छी बनाई है, इस बार वो हंसे भी हैं लेकिन पिछले सीजन से तुलना की जाए तो वो ज्यादा बेहतरी नहीं ला पाए हैं। हालांकि फिर भी उनका किरदार आपको रोकता है, कुछ देर और स्क्रीन को घूरने के लिए। अमित साध के अलावा जिस एक्टर के लिए फिल्म की चर्चा लगातार हो रही थी वो हैं अभिषेक बच्चन, हालांकि उन्होंने अपने किरदार में जान फूंकने की पूरी कोशिश की है लेकिन अभिषेक अपनी पहली सीरीज में कुछ जादू चलाने में कामयाब रहे हों, ऐसा लग नहीं रहा। आपने रिफ्यूजी देखी होगी तो समझ जाएंगे कि सारा खेल चेहरे की भाषा पर टिका है।  अदाकारी की दुनिया में आपकी कदकाठी या नाम नहीं बल्कि चेहरे की अदायगी ज्यादा मौजूं होती है। आप कुछ भी बन जाइए, पुलिसवाला, चोर या साइकाट्रिस्ट, लेकिन वो किरदार जब तक चेहरे पर नहीं आएगा आप अदाकारी का एक्जाम पास नहीं कर पाएंगे। अभिषेक पूरी फिल्म में सुलझे और उलझे दोनों लगते हैं, उनका बोलने का अजीब रूआबदार अंदाज भी कुछ अजीब सा फ्रेम बनाता है सीरीज में। 


अगर पहले और दूसरे सीजन के मुख्य किरदारों की बात करें तो अभिषेक पिछले सीजन में कमाल दिखा चुके आर माघवन के आगे पासंग भी नहीं ठहर पाएंगे। हालांकि अमित साध ने उम्मीद नहीं तोड़ी है लेकिन बहुत शानदार कर डाला है ऐसा कुछ लिखना बेमानी हो जाएगा।


कहानी की बात करें तो अविाश और आभा अपनी छह साल की बेटी के साथ हंसी खुशी रहते हैं औऱ एक दिन बच्ची गायब हो जाती है। काफी दिन बाद पता चलता है कि बच्ची जिंदा है और उसे किडनैप किया गया है। किडनेपर चाहता है कि बच्ची का पिता यानी अविनाश उसके कहने पर कुछ मर्डर करे। पहले मर्डर के बाद एंट्री होती है इंसपेक्टर कबीर सावंत की, जिसे आपने पिछले सीजन में देखा होगा लेकिन ये कबीर सावंत का अपडेट वर्जन कह सकते हैं। फिर हत्याएं होती रहती हैं औऱ किरदार उलझते रहते हैं एक दूसरे के बीच। अंत तक कई सस्पेंस पता चलते हैं लेकिन ऐसा लगातार लगता है कि नयापन नहीं है, पहले देख चुके हैं।  

नित्या मेनन ने सीरीज में एक डरी हुई मां के किरदार को निभाया है। वो हर बात पर कंफ्यूज्ड दिखती है। उन्हें औसत कहा जा सकता है। 


डायरेक्शन की बात करें तो ये ठीक ठाक है। कहानी भले ही पुरानी हो लेकिन कहने का अंदाज कुछ अलग है। चूंकि कहानी भी मंयक शर्मा ने लिखी है और डायरेक्शन भी उन्हीं का है तो उनके ही पैंतरे की छाप सीरीज पर दिखी है। ऐसा कहना सही नहीं कि डायरेक्शन बिलकुल बेकार है लेकिन अतार्किक घटनाक्रम और बेवजह के दृश्यों की वजह से सीरीज को देखने की कंटीन्यूटी कमजोर होती है बीच में कई जगह पर। 


फिल्म में छह साल की सिया के किरदार को निभाया है इवाना कौर ने। इस बच्ची ने भी शानदार काम किया है। इसमें एक बच्ची की मासूमियत, डर और भावनाओं के जो जो एंगल उसके हिस्से में आए,सबको खूबसूरती से निभाया है। बेक ग्राउड म्यूजिक की बात करें तो आपने पिछला सीजन देखा होगा तो कुछ निराश हो सकते हैं। फिल्म के अन्य कलाकारों में सैयामी खेर ने काफी अच्छा काम किया है। हालांकि उनके हिस्से में सीन कम आए हैं लेकिन जहां भी जब भी वो दिखी हैं, उन्होंने इंप्रेस किया है। 


सपोर्टिंग एक्टरों ने फिल्म में आश्चर्यजनक तौर पर शानदार काम किया है। ऋषिकेश जोशी, श्रुति बापना, रेशम श्रीवर्धनकर को अगर ज्यादा स्क्रीन स्पेस दिया जाता तो फिल्म शानदार हो सकती थी। इन सभी कलाकारों ने फिल्म की नाव में छेद ढकने वाले पत्थरो का काम किया है। श्रद्धा कौल को पुलिस वाली के तौर पर ज्यादा स्पेस मिलता तो वो वाकई नित्या मेनन पर भी भारी पड़ जाती। 


ब्रीड का सैकेंड सीजन आपको सस्पेंस का थ्रिलर राइड तो करा रहा है लेकिन ये राइड बिना पानी वाले पूल की तरह है। आपको रोमांच के छींटे नहीं लगेंगे। आप डायरेक्शन में रोंगटे खड़े कर देने वाली असल रोमांच की तरावट से महरूम रह जाएंगे। मुख्य किरदारों की जिंदगी में डर, बेचैनी और जद्दोजहद जो कहानी के अनुरूप दिखना चाहिए, वो कहीं नहीं दिख रहा। ऐसी राइड किस काम की जहां आप झूले पर झूले लेकिन पूल में पानी न हो। 


सीरीज में लीड रोल अभिषेक बच्चन का है लिहाजा उनकी बात करनी ज्यादा जरूरी हो जाती है। अभिषेक को समझना होगा कि बेव सीरीज  फिल्म नहीं होती, इसका दर्शक अभी तक अलग है। जो रात को ठीक 12 बजे जागकर एक साइकोलॉजिकल फिल्म देख रहा है वो मसाला फिल्मों को कैसे ट्रीट करता होगा। इसी दर्शक को रात को बारह बजे अगर टेस्ट के मुताबिक डोज न मिले तो बेव सीरीज फेल हो जाती है। इसलिए बेव सीरीज को हॉल में लगी फिल्म की तरह समझना भूल होगी। अभिषेक बच्चन के लिए यहां कई रास्ते हैं, वो चाहें तो अच्छा कर सकते हैं लेकिन इसके लिए उन्हें अदायगी पर ज्यादा काम करना होगा। कोशिश करते रहेंगे तो सफल भी हो जाएंगे। 

Mitron, Chingari, Hipi, Roposo, Moj

 भारत सरकार द्वारा 59 चीनी ऐप्स को बैन कर दिया गया है, जिसमें सबसे ज्यादा चर्चित ऐप है TikTok। वजह बेहद साफ है, भारत में टिकटॉक यूज़र्स की संख्या करोड़ो में थी, लाखों लोग प्रतिदिन इस शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म पर वीडियो कॉन्टेंट बनाकर साझा करते थे। जहां कुछ लोग केवल अपने मनोरंजन के लिए इस ऐप का इस्तेमाल करते थे, तो वहीं कई लोग ऐसे भी थे जो इस ऐप के द्वारा पैसे कमाकर अपना जीवनयापन करते थे। लेकिन, अब यह लोकप्रिय ऐप भारत में बैन हो चुका है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपके मनोरंजन का साधन ही खत्म हो गया है। यदि आप टिकटॉक यूज़र्स थे और टिकटॉक वीडियो बनाकर अपने आप को अपने दोस्तों को इंटरटेन किया करते थे, तो निराश होने की जरूरत बिल्कुल नहीं है। आज हम आपको TikTok जैसे कुछ मेड-इन-इंडिया ऐप्स के बारे में बताने जा रहे हैं, ये ऐप्स आपको बिल्कुल वैसे ही मनोरंजन करेंगे जैसे कि टिकटॉक किया करता था।



1. Chingari-

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भारत में जैसे ही TikTok बैन की खबर सामने आई, उसके बाद से ही Chingari नाम सोशल मीडिया साइट्स पर ट्रेंड होने लगा। दरअसल, यह एक मेड-इन-इंडिया App है, जो इस्तेमाल करने में बिल्कुल TikTok जैसा ही अनुभव प्रदान करता है। चिंगारी ऐप की गूगल प्ले स्टोर रेटिंग की बात करें, तो इस ऐप को 5 में से 4.1 रेटिंग मिली हुई है। वहीं, टिकटॉक के बैन होते ही इस ऐप के डाउनलोड में जबरदस्त उछाल देखा गया, अब तक 5 मिलियन से भी ज्यादा डाउनलोड इस ऐप्स को मिल चुके हैं। इस ऐप की शुरुआत साल 2018 में हुई थी। इसमें अंग्रेजी, हिंदी, बंगला, गुजराती, मराठी, कन्नड़, पंजाबी, मलयालम, तमिल और तेलुगु जैसी 10 भाषाओं का सपोर्ट मौजूद है।


चिंगारी ऐप की बात करें, तो इसमें आपको ट्रेंडिंग न्यूज़, एंटरटेनमेंट न्यूज़, फनी वीडियो, वीडियो सॉन्ग, लव कोट, व्हाट्सऐप के लिए स्टेटस आदि की सुविधा प्राप्त होगी। यही नहीं इस ऐप पर आप वीडियो अपलोड व डाउनलोड करने के साथ-साथ अपने दोस्तों से चैट, कॉन्टेंट शेयर, ब्राउज़ थ्रू फीड आदि का भी फायदा मिलेगा। चिंगारी ऐप यूज़र्स को क्रिएटिव व्हाट्सऐप स्टेटस, वीडियो, ऑडियो क्लिप, GIF स्टीकर्स और फोटो भी प्रदान करता है। इस प्लेटफॉर्म पर रोज़ाना 10,000 से भी ज्यादा क्रिएटर्स प्रति दिन इंटरटेनिंग कॉन्टेंट बनाकर पोस्ट करते हैं।

 

2. Mitron

iOS | Android

Mitron App का निर्माण ही TikTok को टक्कर देने के लिए किया गया था, भारत में मित्रों ऐप को TikTok के विकल्प के तौर पर लॉन्च किया गया था। शुरुआत में चीनी-विरोधी भावना की वजह से इस ऐप को जबरदस्त लोकप्रियता हासिल हुई और लॉन्च के 2 महीने के अंदर इस ऐप को Google Play Store से 1 करोड़ से भी ज्यादा बार डाउनलोड मिल गए थे। हालांकि बाद में इस ऐप गूगल प्ले से हटा दिया गया, कारण पॉलिसी का उल्लंघन करना। लेकिन कुछ दिन बाद ही ऐप के डेवलपर्स ने गूगल टीम के साथ काम करके समस्या को फिक्स कर दिया और दोबारा प्ले स्टोर पर एंट्री की। मित्रों ऐप की दोबारा एंट्री कुछ इस कदर हुई है कि Google play पर इस वक्त इस ऐप को 10 मिलियन डाउनलोड प्राप्त हो चुके हैं, वहीं ऐप की रेटिंग 5 में से 4.4 स्टार्स है। शुरुआती रूप में यूज़र्स ने कुछ बग्स की शिकायत की थी, लेकिन अब गूगल प्ले What's New में देखें तो इसमें बग फिक्स की जानकारी दी गई है। मित्रों ऐप का इंटरफेस हूबहू टिकटॉक ऐप की तरह ही है, इस ऐप पर आप अपना शॉर्ट वीडियो बनाकर साझा कर सकते हैं।


3. Sharechat- Moj App

 Android


TikTok की तीसरा विकल्प आपके लिए हो सकती है Sharechat का Moj App। Moj यूज़र्स इस प्लेटफॉर्म पर 15 सेकेंड का वीडियो क्लिप बनाकर अपलोड कर सकते हैं, साथ ही इसमें टिकटॉक की तरह फिल्टर्स आदि भी दिए गए हैं, जिसकी मदद से आप अपनी वीडियो को ब्यूटिफाई भी कर सकते हैं। इस ऐप में आपको लिप सिंक फंक्शनालिटी भी मिलेगी, बिल्कुल टिकटॉक की तरह। ऐप का इंटरफेस काफी आसान और यूज़र फ्रेंडली है। यह ऐप 15 भाषाओं को सपोर्ट करता है, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि इसमें आपको अंग्रेजी भाषा का सपोर्ट नहीं मिलेगा, बिल्कुल Sharechat की तरह।


Moj ऐप को ShareChat द्वारा डेवलप किया गया है, जो कि 'मोहल्ला टेक प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा साल 2015 में डेवलप किया भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है। गूगल प्ले स्टोर पर इस ऐप को 50 हजार से भी ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है और यूज़र्स ने इसे अच्छी-खासी रेटिंग भी दी है, जो 5 में से 4.3 स्टार्स हैं।

 

4. Roposo

iOS | Android

Roposo एक अन्य भारतीय शॉर्ट वीडियो ऐप है। गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद जानकारी के अनुसार रोसोपो ऐप में फिल्टर्स, स्टिकर्स, तथा इफेक्ट की मदद से स्लो-मो, टाइम -लैप्स, या पोर्ट्रेट में नेचुरल लाइट, स्टूडियो लाइट, कोंटोर लाइट, स्टेज व स्टेज मोनो लाइट के साथ बेहतरीन वीडियो बनाया जा सकता है। कुछ ऐसा ही अनुभव टिकटॉक ऐप में भी प्राप्त हुआ करता था। इस ऐप को 50 लाख से भी ज्यादा लोगों ने अपने डिवाइस में डाउनलोड किया हुआ है। रोपोसो ऐप में आपको अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, गुजराती, पंजाबी, मराठी और बंगाली भाषा का सपोर्ट मिलेगा।

 

5. Bolo Indya

  Android

जैसा कि नाम से समझ आता है यह भारत निर्मित ऐप है, जो कि चीनी निर्मित टिकटॉक ऐप को टक्कर दे सकता है। गूगल प्ले स्टोर पर इस ऐप को इंडियन टिकटॉक भी नाम दिया गया है। इस ऐप पर आप हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मलयालम, कन्नड़, मराठी, पंजाबी और ओडिया भाषा में शॉर्ट वीडियो बनाकर साझा कर सकते हैं। गूगल प्ले रेटिंग की बात करें तो इस ऐप को 5 में से 4 रेटिंग दी गई है, जबकि 5 लाख लोग इसे अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड कर चुके हैं। वीडियो के लिहाज से इस प्लेटफॉर्म पर अंग्रेजी सीखने, मनोरंजन, यात्रा, रेसिपी, प्रेरणा, परीक्षा, करियर, खरीदारी, टेक्नोलॉजी आदि से संबंधित वीडियो बनाकर साझा किया जाता है। प्ले स्टोर पर दी गई जानकारी के अनुसार 'बोलो इंडया' का उद्देश्य प्रत्येक भारतीय को एक मंच के साथ सशक्त बनाना है ताकि वह अपनी राय दे सके, अनुभव साझा कर सकें, इंटरनेट इनफ्लूएंसर बन सकें और अपने ज्ञान को बांट सके।

 

6. Hipi

शॉर्ट वीडियो ऐप्स की बढ़ती मांग को देखते हुए Zee5 ने भी रेस में उतरने का ऐलान कर दिया है। हाल ही में खबर आई है कि Zee5 ने घोषणा की है कि वह जल्द ही भारत में शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म लॉन्च करने वाला है, जिसका नाम होगा HiPi । कंपनी का कहना है कि यह नया प्लेटफॉर्म 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत बनाया गया है, जो भारतीय कॉन्टेंट क्रिएटर्स को भारतीय मंच प्रदान करेगा। यह ऐप 15 जुलाई से पहले लॉन्च कर दिया जाएगा। शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म के नाम से भले ही यह ऐप TikTok की तरह लग रहा हो, लेकिन इसका इस्तेमाल करने का तरीका थोड़ा अलग होगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस नए प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने के लिए रजिस्ट्रेशन की जरूरत पड़ेगी, जिसके बाद यूज़र्स वीडियो को देख सकेंगे और शेयर कर सकेंगे। इससे अंदाजा लगया जा सकता है कि ज़ी5 का यह नया प्लेटफॉर्म चीनी टिकटॉक ऐप से थोड़ा अलग होने वाला है, बता दें टिकटॉक पर वीडियो देखने के लिए किसी तरह के रजिस्ट्रेशन व साइन-इन की जरूरत नहीं पड़ती थी। हालांकि, ऐप से संबंधित ज्यादा जानकारी आने वाले दिनों में साफ हो जाएगी।

Instagram Reels: ऐसे बनाएं इंस्टाग्राम पर TikTok जैसे वीडियो

 TikTok बैन के बाद क्या आप टिकटॉक वीडियोज़ को मिस कर रहे थे? तो अब आपकी परेशानी का हल आ चुका है, वो है- Instagram Reels फीचर। यह इंस्टाग्राम का लेटेस्ट फीचर है, जो कि काफी हद तक टिकटॉक की तरह ही है। इस पर आप अपने पॉपुलर क्रिएटर के वीडियो देखने के साथ-साथ अपना खुद का वीडियो बनाकर अपलोड भी कर सकते हैं। इस फीचर की शुरुआत 8 जुलाई बुधवार शाम से हो चुकी है, जिस पर आप पॉपुलर टिकटॉकर्स और क्रिएटर्स के वीडियो देख पा रहे होंगे। इंस्टाग्राम के इस लेटेस्ट फीचर को देखें, तो संभावना जताई जा सकती है कि यह भारत में TikTok के सबसे सफल विकल्प के तौर पर पहचान स्थापित कर Mitron और Chingari जैसे ऐप्स को कड़ी टक्कर दे सकता है। अगर आप भी अपने फेवरेट क्रिएटर की तरह रील्स वीडियो बनाकर अपलोड करना चाहते हैं, तो यहां हम आपको बताएंगे इसे बनाने का सही तरीका।


 

How to create Instagram Reels

Instagram Reels रील्स वीडियो बनाना काफी आसान है, लेकिन रील्स वीडियो बनाने के लिए सबसे जरूरी चीज है कि आपको अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर Reels मिले। Facebook फिलहाल इस फीचर को रोलआउट कर रहा है, तो ऐसे में कई लोगों को यह फीचर मिल चुका है, कई के डिवाइस में अभी इसका आना बाकी है। यदि आपको आपके इंस्टाग्राम अकाउंट पर Reels फीचर दिख रहा है, तो यूं बनाएं उस पर अपना वीडियो-


1. सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में Instagram ओपन करें।


2. अब इंस्टाग्राम ऐप का कैमरा ओपन करें।


3. कैमरा ओपन होते ही आपको नीचे की ओर Live, Story, और Reels के विकल्प दिखेंगे, जहां आपको रील्स पर क्लिक करना है।


4. अब आप अपने इंस्टाग्राम पर Reels वीडियो बनाना शुरू कर सकते हैं। रील्स वीडियो में आप अधिकतम 15 सेकेंड का वीडियो क्लिप बना सकते हैं।


5. वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए आपको Reels में दिख रहे सफेद सर्कल को टैप करना है और रिकॉर्डिंग बंद करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।


6. वीडियो शुरू करने से पहले आप वीडियो में कुछ इफेक्ट्स को जोड़ सकते हैं, जिससे आपका वीडियो और अधिक मजेदार बन सकता है। इफेक्ट्स के लिए आपको बायीं ओर स्थित आइकन पर क्लिक करना होगा। यहां आप अपनी वीडियो की स्पीड को कंट्रोल कर सकते हैं, स्लो-मोशन वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए आप 0.3x को चुने और स्पीड-अप वीडियो के लिए 3x को चुन सकते हैं।


7. इफेक्ट्स जोड़ने के लिए आप smiley विकल्प पर पर जाएं और सफेद सर्कल को स्वाइप राइट करें। अब आपको उपलब्ध सभी इफेक्ट्स नज़र आएंगे, आप अपनी पसंद से किसी का भी चुनाव कर सकते हैं।


8. इंस्टाग्राम रील्स आपको वीडियो रिकॉर्ड करने से पहले 3 सेकेंड के टाइमर की भी सुविधा देता है। जिसके लिए आपको बायीं ओर स्थित टाइमर आइकन पर क्लिक करना होगा और फिर टाइमर सेट कर दें। इसके बाद वीडियो रिकॉर्डिंग से पहले आपके स्क्रीन पर 3 सेकेंड का टाइमर नज़र आएगा, ताकि आप वीडियो रिकॉर्ड करने से पहले खुद को तैयार कर लें।


9. अंत में आप इंस्टाग्राम रील्स फीचर में म्यूज़िक को भी जोड़ सकते हैं, इसके लिए आपको बायीं ओर दिए म्यूज़िक आइकन पर क्लिक करना होगा। इस फीचर का सबसे बेस्ट पार्ट यह है कि आपको पूरा का पूरा म्यूज़िक दे दिया जाता है, जिसमें से आप अपने पसंद के हिस्से को चुनकर उस पर वीडियो बना सकते हैं। टिकटॉक में आपको किसी भी म्यूज़िक का केवल एक हिस्सा दिया जाता था, लेकिन इंस्टाग्राम में आपको पूरा का पूरा ट्रैक दिया जाता है जिसमें आप खुद की पसंद के हिस्से पर वीडियो क्रिएट कर सकते हैं।

Netflix, Disney+ Hotstar व Amazon Prime video

 15 अगस्त 2020 को देश में 74वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जाएगा। हालांकि, कोरोना वायरस महामारी के कारण इस बार का जश्न वैसे नहीं मनाया जाएगा, जैसे हर साल मनाया जाता है। इस बार ज्यादातर लोग घर पर रहकर ही आजादी का जश्न मनाने की योजना बना रहे हैं। अगर आप भी उन्हीं लोगों में से हैं, जो इस बार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए घर पर रहने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपके मनोरंजन का रास्ता भी हमने निकाल लिया है। हम आपके लिए OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ हुई कुछ नई व पुरानी की लिस्ट लेकर आए हैं, जिन्हें आप अपनी पूरी फैमिली के साथ मिलकर देख सकते हैं। स्वतंत्रता दिवस वीकेंड को देखते हुए, हालिया रिलीज़ हुईं फिल्मों में ज्यादातर फिल्म 'देशभक्ति' से लबरेज़ है, जैसे जाह्नवी कपूर की Gunjan Saxena, सर्जिकल स्ट्राइल पर बनी फिल्म The hidden strike, व दुनियाभर में मानव कम्प्यूटर के रूप में पहचान बनाकर देश का सर गर्व से ऊंचा करने वाली Shakuntala Devi। आपको बता दें, यह सभी फिल्म अलग-अलग ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ की गई हैं, जिसमें Netflix, Disney+ Hotstar व Amazon Prime video शामिल हैं।



तो चलिए नज़र डाल लेते हैं Netflix, Disney+ Hotstar व Amazon Prime video पर उपलब्ध फिल्मों की लिस्ट पर, जिन्हें आप इस स्वतंत्रता दिवस अपने फैमिली के साथ मिलकर देख सकते हैं।


गुंजन सक्सेना

जाह्नवी कपूर स्टारर फिल्म गुंजन सक्सेना Netflix पर 12 अगस्त को रिलीज़ की गई थी, जिसे रिलीज़ के बाद फैन्स का अच्छा-खास रिस्पॉन्स मिल रहा है। यदि आप नहीं जानते, तो बता दें, गुंजन सक्सेना फिल्म इंडियन एयरफोर्स की पहली महिला पायलट गुंजन सक्सेना के जीवन पर आधारित फिल्म हैं, जिन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी, जिसके बाद उनका नाम ही कारगिल गर्ल पड़ गया। गुंजन के संघर्ष व वीरता को फिल्म के जरिए पर्दे पर उतारा गया है। यदि आपने अब-तक गुंजन सक्सेना नहीं देखी है, तो स्वतंत्रता दिवस वीकेंड आप इस फिल्म का मज़ा अपनी पूरी फैमिली के साथ ले सकते हैं।

द हिडन स्ट्राइक

The Hidden Strike फिल्म को आज 14 अगस्त shemaroome पर रिलीज़ किया जाएगा। इस फिल्म की कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है, जिसे साल 2016 के सर्जिकल स्ट्राइक से प्रेरित होकर बनाया गया है। नई सर्जिकल स्टाइक में आपको महिला सैनिकों के साहस से भी परिचित कराया जाएगा। फिल्म की स्टारकास्ट की बात करें, तो इसमें दीपराज राना, मिर सरावर जिम्मी शर्मा, संजय लाखा लखविंदर व वेदिता प्रताप सिंह जैसे स्टार्स शामिल हैं। आजादी के जश्न के तौर पर द हिडन स्ट्राइक भी आपके लिए बेहतर विकल्प बन सकता है।

खुदा हाफिज़
 


विद्यूत जामवाल के फैन्स का इंतज़ार भी आज आखिरकार खत्म हो जाएगा, उनकी अगली फिल्म 'khuda hafiz' आज Disney+ Hotstar पर रिलीज़ होने वाली है। बात फिल्म की कहानी की करें, तो इस फिल्म की कहानी किडनैपिंग के केस के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में विद्यूत के किरदार की पत्नी किडनैप हो जाती है, जिसे ढूंढने के लिए वह अपनी पूरी जान लगा देता है। स्टोरी प्लॉट से ही समझ आ जाता है कि फिल्म की कहानी एक्शन से भरपूर होने वाली है। यदि आप देशभक्ति के अलावा दूसरी फिल्मों की लिस्ट ढूंढ रहे हैं, तो यह फिल्म आपके लिए परफेक्ट साबित होगी।

शकुंतला देवी
 


Shakuntala Devi फिल्म Amazon Prime video पर 31 जुलाई को रिलीज़ कर दी गई थी, लेकिन यदि आपने अब-तक इस फिल्म को नहीं देखा है तो इस वीकेंड इसे अपनी फैमिली के साथ देख सकते हैं। यह फिल्म ह्यूमन कम्यूटर कहलाए जाने वाली भारतीय महिला शकुंतला देवी की जिंदगी पर आधारित है। फिल्म में शकुंतला देवी के जीवन की सफलता व उतार-चढ़ाव को दर्शाया गया है, ओवरऑल फिल्म काफी मज़ेदार है जिसे आप अपनी फैमिली के साथ इन्जॉय कर सकते हैं।

तानाजी: द अनसंग वॉरियर
 


लेटेस्ट फिल्मों की लिस्ट में भले ही ज्यादा नाम शामिल न हो, लेकिन यदि आप देशभक्ति जगाने वाली फिल्मों की तलाश कर रहे हैं तो अजय देवगन स्टारर फिल्म Tanhaji: The Unsung Warrior भी आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती है। इस फिल्म को आप Disney+ Hotstar पर देख सकते हैं। आपको बता दें, ‘तानाजी द अनसंग वॉरियर' एक पीरियड ड्रामा फिल्म है, जिसकी कहानी छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना के सूबेदार तानाजी मालुसरे की जिंदगी पर आधारित है। फिल्म में अजय देवगन के साथ उनकी पत्नी काजोल भी अहम किरदार में हैं।

भारत
 


यदि आप सलमान खान के फैन है, तो उनकी फिल्म 'भारत' का लुफ्त Amazon Prime video पर उठा सकते हैं। इस फिल्म में सलमान खान के साथ कैटरीना कैफ, सुनील ग्रोवर व जैकी श्रॉफ जैसे स्टार्स शामिल है। यह फिल्म पिछले साल ईद के मौके पर रिलीज़ हुई थी। सलमान के फैन्स हर साल बेसब्री से सलमान की फिल्म का इंतज़ार करते हैं, लेकिन इस साल कोरोना वायरस महामारी के कारण उनकी कोई फिल्म ईद के मौके पर रिलीज़ नहीं की गई है। तो यदि आप सलमान के डाय-हार्ट फैन हैं, तो इस स्वतंत्रता दिवस 'भारत' आपके लिए बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकती है।

Walnut, AndroMoney, Wallet

 आज के समय में हमारे ज्यादातर काम स्मार्टफोन के जरिए होते हैं। डिज़िटल हो रही दुनिया में हमारी खरीदारी और लेनदेन भी डिज़िटल हो रहे हैं। ऐसे में कई लोगों के लिए अपने खर्चों का हिसाब रखन मुश्किल हो जाता है। एक ज़माना था कि हम आपने खर्चों के हिसाब के लिए डायरी का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब आपकी इस समस्या का समाधान भी स्मार्टफोन कर सकता है। मोबाइल फोन पर अब ऐसे हज़ारों ऐप्स उपलब्ध हैं, जो आपके खर्चों और लेनदेन का हिसाब तो रखेंगे ही, बल्कि इनमें कई ऐसे फीचर्स भी हैं, जो आपकी वित्तिय परेशानियों का भी ख्याल रखेंगे। AndroMoney, Money View, Walnut, Wallet समेत ऐसे कई ऐप्स के बारे में हम आपको यहां बताने जा रहे हैं, जो आपके बैंक अकाउंट के बैलेंस और ट्रांजेक्शन के बारे में आपको सभी जानकारी देंगे और साथ ही आपने कितना खर्चा कहां किया है या कितनी कमाई की है, इसकी जानकारी भी एक टैप पर आपके सामने रखेंगे। आइए बिना देरी किए जानते हैं ऐसे आठ ऐप्स के बारे में।


 


AndroMoney

लिस्ट का पहला ऐप AndroMoney है, जो Google Play पर काफी लोकप्रिय एक्सपेंस ट्रैकर ऐप है। इस ऐप में आप एक से अधिक अकाउंट को एक साथ मैनेज कर सकते हैं और अकाउंट बैलेंस पर नज़र रखने के साथ-साथ पैसों का लेनदेन भी आसानी से कर सकते हैं। यह वेब और आईओएस के लिए क्रॉस-प्लेटफॉर्म सपोर्ट से लैस आता है। एंड्रोमनी ऐप कई बजट मैनेजमेंट फीचर्स के साथ आता है और इसमें कई करेंसी का सपोर्ट भी शामिल है। ऐप की एक खासियत इसका सिंपल इंटरफेस भी है, जिसे समझने में आपको ज्यादा समय नहीं लगेगा। यूं तो ऐप मुफ्त है, लेकिन ध्यान रहे कि इसमें काफी विज्ञापन देखने को मिलने हैं।

 

Money View

Money View अकाउंट बैलेंस और खर्चों पर नज़र रखने का एक और अच्छा विकल्प है। यह आपके एसएमएस के जरिए आपका बैंक बैलेंस फेच (खींच) कर लेता है। इसके अलावा आप इसमें ओटीपी के जरिए नेट बैंकिंग को भी एक्टिवेट कर सकते हैं, जिससे आप जब चाहे तब अपने अकाउंट पर नज़र रख सकते हैं। इस ऐप की एक खासियत यह भी है कि यह आपको आपके आसपास के ATM की जानकारी भी दे सकता है और टैक्स सेविंग व रिम्बर्समेंट को भी अच्छे से ऑर्गनाइज़ कर सकता है।

 

Walnut

Walnut इस कैटेगरी के सबसे लोकप्रिय ऐप्स में से एक है। अच्छी बात यह है कि इस ऐप को Android के साथ-साथ iOS यूज़र्स भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह आपके हर तरह के खर्चे को पहचान कर उसे अपने आप उस कैटेगरी में डाल देता है। उदाहरण के लिए ग्रॉसरीज़ और रेस्टोरेंट व खाने-पीने पर खर्च किए गए पैसों को फूड कैटेगरी में डालना, ट्रेन व फ्लाइट की टिकट या कैब पर किए खर्चों को ट्रैवल कैटेगरी में डालना। इस तरह यह ऐप आपको यह बताता है कि आपने किस कैटेगरी में कितना खर्च किया है। यह आपको बैंक बैलेंस भी बताता है और साथ ही आपके क्रेडिट कार्ड साइकल को भी मैनेज करता है। इसमें और भी बहुत कुछ है करने को।

 

Money Lover

2017 में जीत चुका है बेस्ट फाइनेंस ऐप का खिताब। इसके अलावा एडिटर चॉइस अवॉर्ड भी मिल चुका है। मनी मैनेजर के साथ-साथ बजट प्लानर की भूमिका भी निभाता है। पिनकोड और फिंगरप्रिंट के जरिए ऐप को रख सकते हैं सुरक्षित। बैंक अकाउंट का ब्योरा रखने में भी सक्षम है Money Lover ऐप। वेब और अन्य मोबाइल प्लेटफॉर्म पर डेटा को सिंक करना भी चुटकी में हो जाता है। ऐप में कुछ प्रीमियम फीचर्स भी मिलते हैं, जिनके लिए पैसे चुकाने होंगे।

 

Monefy

काफी सिंपल इंटरफेस के साथ आता है Monefy ऐप। इसके फीचर्स भी काफी बेसिक, लेकिन काम के हैं। ऐप में कई करेंसी का सपोर्ट शामिल है। इसके अलावा यह बिल्ट-इन कैलकुलेटर और पासवर्ड प्रोटेक्शन के साथ आता है। इसमें आप अपने डेटा का बैकअप भी बना सकते हैं और साथ ही खर्चों को ट्रैक करने के लिए इसमें विजेट भी मिलता है। ऐप का एक मुफ्त वर्ज़न आता है। हालांकि यदि आप कुछ अतिरिक्त फीचर्स चाहें तो ऐप आपको प्रो वर्ज़न भी देता है, जिसके लिए आपको 199 रुपय देने होंगे।

 

Wallet

Wallet न केवल आपके खर्चों पर नज़र रखता है, बल्कि आपको अपने खर्चों को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। यह आपके बैलेंस को सिंक करता है और लेनदेन का हिसाब रखने में मदद करता है। इसमें एक अकाउंट शेयरिंग फीचर भी मिलता है, जो आपको अपनी अकाउंट की जानकारी को दूसरों के साथ शेयर करने का मौका देता है। कुछ अन्य खासियतों की बात करें तो इसमें क्लाउड सिंकिंग, वारंटी ट्रैकिंग, शॉपिंग लिस्ट आदि फीचर्स भी मिलते हैं।

 

Fudget

लेनदेन को ट्रैक करने के साथ कमाई और खर्चों का भी रखता है हिसाब। वन-टैप एडिंग और एडिटिंग फीचर भी है काम का। हर महीने होने वाले खर्चों या कमाई पर स्टार लगाने से भविष्य में उन्हें आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। इसी तरह किसी भी खर्चे या कमाई पर 'पेड' मार्क लगा कर याद रखने में भी आसानी होती है। इसके साथ ही पासकोड लॉक और लॉग-इन के जरिए ऐप को रख सकते हैं सुरक्षित। Fudget में भी मुफ्त के साथ एक प्रीमियम फीचर भी उपलब्ध है।

 

Goodbudget

क्रॉस प्लेटफॉर्म सपोर्ट से लैस आता है Goodbudget ऐप। इसका मतलब है कि आप अपने डेटा को वेब और आईओएस पर सिंक कर सकते हैं। अन्य ऐप्स की तरह इस ऐप में भी खर्चों को ट्रैक करने का विकल्प मिलता है और साथ ही आप अपना डेटा CSV फाइल, QFX और OFX फाइल फॉर्मेट में सेव कर सकते हैं। यह आपका 7 साल तक के डेटा का हिसाब रख सकता है। आपको सभी बेसिक फीचर्स मुफ्त मिलते हैं, लेकिन यदि आप कुछ प्रीमियम फीचर्स आज़माना चाहते हैं तो आपको थोड़े पैसे खर्च करने पड़ेंगे।

WhatsApp Video Call: व्हाट्सऐप पर कैसे करें वीडियो कॉल

 WhatsApp, दुनियाभर में सबसे ज्यादा लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप है। इस ऐप के जरिए यूज़र्स केवल चैटिंग और वॉयस कॉल की सुविधा ही नहीं लेते बल्कि व्हाट्सऐप यूज़र्स को वीडियो कॉल करने का भी विकल्प प्रदान करता है। व्हाट्सऐप पर वीडियो कॉल करने का फीचर एकदम मुफ्त है, वीडियो कॉलिंग के लिए आपको बस ठीक काम करने वाले इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यता पड़ेगी। सबसे अच्छी बात यह है कि व्हाट्सऐप वीडियो कॉल का आनंद आप वेब वर्ज़न पर भी ले सकते हैं। आइए जानते हैं व्हाट्सऐप पर कैसे करें वीडियो कॉल।

 


WhatsApp: How to make video calls from a smartphone

स्मार्टफोन के जरिए आप वन टू वन WhatsApp वीडियो कॉल के साथ-साथ ग्रुप वीडियो कॉल भी कर सकते हैं। जैसे कि हमने बताया प्रक्रिया काफी आसान है, कॉल करने के लिए इन स्टेप्स को करें फॉलो-


1. सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में WhatsApp ओपन करें और फिर उस कॉन्टेक्ट पर जाएं जिन्हें आप वीडियो कॉल करना चाहते हैं।


2. चैट ओपन करें और वीडियो कॉल करने के लिए कैमरा आइकन पर क्लिक करें।


वन-टू-वन कॉल के साथ-साथ आप अपने स्मार्टफोन पर ग्रुप वीडियो कॉल भी कर सकते हैं, आइए जानते हैं कैसे करें वीडियो कॉल में अन्य सदस्यों के एड।


1. व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के दौरान ऊपरी बायीं ओर स्थित Add Participant बटन पर क्लिक करें।


2. फिर Choose a contact और फिर Tap Add पर क्लिक करें।


इसके अलावा, वीडियो कॉल के दौरान एक एक सदस्यों को जोड़ने के अलावा आप सीधे ग्रुप वीडियो कॉल भी कर सकते हैं। ग्रुप वीडियो कॉल करने के लिए फॉलो करें ये स्टेप्स।


1. WhatsApp ओपन करें और उस ग्रुप को चुने जिनके सदस्यों के साथ आप ग्रुप वीडियो कॉल करना चाहते हैं।


2. चैट ओपन होने के बाद ऊपर दिए कैमरा आइकन पर क्लिक करें और वीडियो कॉल की शुरूआत करें।


फिलहाल, व्हाट्सऐप पर 8 सदस्यों के साथ ही ग्रुप वीडियो कॉल व वॉयस कॉल की सुविधा उपलब्ध है।

 

WhatsApp Web Video Call

WhatsApp Web के जरिए वीडियो कॉल कैसे करें, फॉलो करें यह स्टेप्स-


1. सबसे पहले WhatsApp Web खोले और अपने अकाउंट पर लॉग-इन करें।


2. अब वर्टिकल डॉट्स पर क्लिक करें और Create a Room पर टैप करें।


3. अब आपको एक पॉप-अप दिखेगा, Continue पर क्लिक करके आगे बढ़ें। ध्यान रखें, इस तरह वीडियो कॉल करने के लिए आपको फेसबुक अकाउंट की जरूरत नहीं पड़ती।


4. अब रूम क्रिएट करें और आप वीडियो कॉल करने के लिए तैयार हैं।


5. आपको बस वीडियो कॉल लिंक अपने व्हाट्सऐप उन लोगों को साझा करना है, जिनके साथ आप वीडियो कॉल करना चाहते हैं।


फेसबुक मैसेंजर रूम फीचर के जरिए 50 लोग एक साथ ग्रुप वीडियो कॉल का आनंद ले सकते हैं। 

Adobe Scan, Scanner Pro, Google Drive

 अब वो ज़माना गया, जब हम अपने डॉक्युमेंट्स (दस्तावेज़ों) को बाहर स्कैन कराने ले जाते थे या हमें अपने घर में एक बड़ी मशीन रखनी पड़ती थी। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि अब यह काम भी हमारा स्मार्टफोन आसानी से कर देता है। अब स्मार्टफोन में ऐसे कई ऐप्स आते हैं, जो आपके कैमरा का इस्तेमाल कर आपके डॉक्युमेंट्स को बिल्कुल स्कैनर द्वारा स्कैन किए डॉक्युमेंट्स की तरह बना देते हैं। ये ऐप्स आपके दस्तावेज़ों को अपने सॉफ्टवेयर क्षमताओं की बदौलत ब्लैक एंड व्हाइट या कलर डिज़िटल पेजों में बदल देते हैं। इससे न केवल आप अपना समय बचाते हैं, बल्कि आपका पैसा भी बचता है। इस आर्टिकल में हम आपको पांच बेस्ट स्कैनर ऐप्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप अपने Android और iOS दोनों डिवाइसों पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

 


Best scanner apps for Android and iPhone

Adobe Scan

Adobe Scan इस लिस्ट का सबसे लोकप्रिय स्कैनर ऐप है। यहां तक की यह इस समय प्ले स्टोर में मौजूद सभी स्कैनर ऐप में से सबसे लोकप्रिय ऐप है। इसे इस्तेमाल करना बेहद आसान है। यह आपके दस्तावेज़ों को एक स्टेप में अपने आप स्कैन कर क्रॉप भी कर देता है। इतना ही नहीं, स्कैनिंग के साथ-साथ यह एक तस्वीर में से टेक्स्ट को पहचान कर डिज़िटल टेक्स्ट फॉर्मेट में बदलने के लिए OCR फीचर के साथ आता है। आपके पास अपने स्कैन किए गए दस्तावेज़ों को क्लाउड पर अपलोड करने या इसे थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन के जरिए साझा करने का विकल्प भी है। यह ऐप बिना विज्ञापनों के मुफ्त मिलता है और एंड्रॉयड और आईओएस दोनों पर उपलब्ध है।

 

Scanner Pro

जब फीचर्स की बात आती है, तो यह स्कैनर ऐप Adobe Scan से एक स्टेप ऊपर चला जाता है। Scanner Pro ऐप आईओएस स्पेशल है। इसकी सबसे बड़ी खासियत शैडो रिमूवल फीचर है, जो स्कैन किए गए डॉक्यूमेंट में से अपने आप शैडो को मिटा देता है। इसके अलावा, यह ऐप आपको कई दस्तावेज़ों को स्कैन करने, उन्हें दूसरों के साथ साझा करने, उन्हें क्लाउड में सेव करने या OCR का उपयोग करके किसी भी तस्वीर को टेक्स्ट डॉक्युमेंट में बदलने की सुविधा देता है। हालांकि, इससे पहले कि आप आगे बढ़ें और इस ऐप को इंस्टॉल करें, ध्यान दें कि यदि आप ऐप पर केवल स्कैनिंग और दस्तावेजों को स्टोर करने के अलावा अन्य सभी फीचर्स का उपयोग करना चाहते हैं, तो आपको 299 रुपये का शुल्क चुका कर इसका पेड वर्ज़न लेना होगा।

 

Microsoft Office Lens

यदि आप एक स्वतंत्र और एक विश्वसनीय स्कैनर ऐप ढूंढ रहे हैं, जो Microsoft Office के साथ अच्छी तरह से मिला हुआ हो, तो Microsoft Office Lens आपके लिए बेस्ट विकल्प है। इस ऐप की मदद से आप डॉक्यूमेंट, बिजनेस कार्ड और व्हाइटबोर्ड इमेज को जल्दी से स्कैन कर सकते हैं। इसके अलावा, आप एक डॉक्यूमेंट को पीडीएफ के रूप में एक्सपोर्ट भी कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इसे वर्ड, पावरपॉइंट, वनड्राइव आदि में सेव कर सकते हैं या इसे थर्ड-पार्टी ऐप्स के जरिए दूसरों के साथ साझा कर सकते हैं। ऑफिस लेंस का उपयोग करना आसान है। आप इसे एंड्रॉयड या आईओएस दोनों पर मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

 

Google Drive for Android

हमारी अगली पसंद Android के लिए Google Drive है। आजकल अधिकतर एंड्रॉयड फोन में गूगल ड्राइव पहले से इंस्टॉल आता है और यदि नहीं आता है, तो आप इसे गूगल प्ले से इंस्टॉल कर सकते हैं। इसे इस्तेमाल करने के लिए आपको Google Drive पर जाना होगा और नीचे दिए गए '+' आइकॉन पर क्लिक करना होगा और स्कैन पर टैप करना होगा। इसके जरिए आप कोई भी दस्तावेज़ स्कैन कर सकते हैं। ध्यान रहे कि यह ऐप ऊपर बताए ऐप्क की तरह फीचर्स से भरा हुआ नहीं है, लेकिन यह मूल स्कैनिंग आराम से कर लेता है।

 

Notes app for iOS

जिस तरह एंड्रॉयड यूज़र्स के पास गूगल ड्राइव ऐप होता है, उसी तरह iOS यूज़र्स के पास Notes ऐप होता है, जिसमें एक इन-बिल्ट स्कैनर मिलता है। अपने iPhone या iPad पर इसका टेस्ट करने के लिए आपको Notes ऐप खोलना होगा और ''create a new note" पर टैप करें। नीचे दिए गए कैमरा आइकॉन पर टैप करें और स्कैनिंग शुरू करने के लिए स्कैन दस्तावेजों पर टैप करें। स्कैन होने के बाद आप अपने दस्तावेज़ों की तस्वीरों को एडिट भी कर सकते हैं। आखिर में आपको इसे थर्ड-पार्टी ऐप्स के जरिए साझा करने का विकल्प भी मिलेगा।

प्रिज़्मा ऐप

 क्या आपकी भी किसी फोटो को पेंटिंग में तब्दील करने की चाहत है? मार्केट में कई ऐप्स और फोटोशॉप फिल्टर मौजूद हैं जो आपकी इस चाहत को पूरा कर दें। लेकिन इनमें से ज्यादातर प्रोडक्ट में फिल्टर के विकल्प बेहद कम हैं। फिल्टर लगाने के बाद मिलने वाली तस्वीर भी बहुत ज्यादा खूबसूरत नहीं लगती। अब एक नया ऐप आया है प्रिज़्मा। इसने पूरे गेम को दूसरे स्तर पर पहुंचा दिया है। इसका इंटरफेस इस्तेमाल करने में बेहद ही आसान है।


प्रिज़्मा ऐप के नाम से कई फर्ज़ी ऐप भी गूगल प्ले और आईओएस ऐप स्टोर में मौजूद हैं। आपको प्रिज़्मा लैब्स द्वारा बनाए गए ऐप को डाउनलोड करना है।


यह ऐप बेहद ही सरल है। पहली झलक में इंस्टाग्राम की याद दिलाता है। इसका इंटरफेस समझना सबसे आसान काम है। बस आपको तस्वीर लेनी है और अपनी पसंद के फिल्टर को इस्तेमाल करना है। चाहत हो तो ट्विटर या फेसबुक पर शेयर कर दीजिए। इसके इंटरफेस ने हमें सबसे ज्यादा प्रभावित किया। भले ही इस ऐप में आपके लिए कस्टमाइजेशन के विकल्प बहुत ज्यादा नहीं हैं, लेकिन हम तेजी और आसानी से कुछ बेहतरीन आउटपुट हासिल कर पाने में कामयाब रहे।


जब आप प्रिज़्मा ऐप को शुरू करेंगे तो यह आपके कैमरे और फोटोज़ फोल्डर का एक्सेस मांगता है। आपको कैमरे का एक्सेस देने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि आप गैलेरी में स्टोर की गई तस्वीरों को भी एडिट कर सकते हैं। लेकिन इसमें भी कोई दो राय नहीं कि कैमरे से तस्वीरें लेकर उन्हें सीधे एडिट करना समय बचाता है।


इंटरफेस बेहद ही सरल है। ऊपर के आधे हिस्से में व्यूफाइंडर है जो यह दिखाता है कि आप किस चीज की फोटोग्राफिंग कर रहे हैं। दायीं तरफ निचले हिस्से में एक छोटा थंबनेल नज़र आएगा जो आपको स्टोर किए हुए फोटो तक ले जाएगा। आप चाहें तो स्टोर किए हुए इमेज को एडिट कर सकते हैं। आप जैसे ही एडिट करने के लिए तस्वीर चुन लेते हैं, आपको क्रॉप करने के विकल्प के साथ फिल्टर का सुझाव भी मिलेगा।


इसमें कई तरह के फिल्टर हैं। सभी ख्याति प्राप्त पेंटिंग पर आधारित हैं। फिल्टर अप्लाई करने के बाद आप तस्वीरों पर स्वाइप कर सकते हैं। बायीं तरफ स्वाइप करके आप फिल्टर के प्रभाव को कम कर सकते हैं और दायीं तरफ स्वाइप करके उसे 100 फीसदी तक ले जा सकते हैं। इसके बाद आपको तस्वीर को स्टोर करने या सोशल नेटवर्क साइट पर शेयर करने का विकल्प मिलेगा।  

 प्रिज़्मा की वेबसाइट के मुताबिक, ऐप न्यूरल नेटवर्क और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल करके तस्वीरों को अलग किस्म का टच देता है। इससे साफ नहीं है कि यह ऐप क्या करता है और यह इस तरह के अन्य फोटोशॉप फिल्टर से कैसे अलग है? लेकिन प्रिज़्मा ज्यादातर मौकों पर अच्छा काम करता है।


उदाहरण के तौर पर मॉनड्रियन फिल्टर ने हमारी उम्मीद से बेहतर काम किया। यह आर्किटेक्चर की तस्वीरों को बेहतरीन लुक देने में कामयाब रहा। कुछ फिल्टर दूसरों की तुलना में ज्यादा बेहतर हैं। आप ऐसे फिल्टर को चुनना चाहेंगे जहां आर्टवर्क आपकी तस्वीर की खूबसूरती बढ़ाने का काम करें। और आप सतर्क होकर रंग भी चुनना चाहेंगे। उदाहरण के तौर पर मोनोनोक फिल्टर ने ज्यादातर तस्वीरों के रंग को पूरी तरह से गायब कर दिया, यानी यह ब्राइट और आउटडोर सीन में काम आएगा।


हमने यह भी जानने की कोशिश की कि अगर हमने इन फिल्टर को वास्तविक आर्टवर्क पर इस्तेमाल किया तो यह कैसा काम करेगा। हमने कलर बुक पर आधी बनी हुई तस्वीर को लिया और इस पर अलग-अलग फिल्टर अप्लाई किए। मॉनड्रियन ने बेहद ही खराब रिजल्ट दिया। ऐसा ही स्क्रीम और अन्य कई फिल्टर के बारे में भी कहा जा सकता है। अंत में हम कैंडी फिल्टर से संतुष्ट हुए जिसका आउटपुट बहुत ज्यादा बुरा नहीं था। कुल मिलाकर यह ऐप वास्तविक चीजों की फोटो के साथ बेहतरीन काम करता है।


इसके अलावा आप ऐसी तस्वीर पर ही फिल्टर अप्लाई करें जिनमें में डिटेल की कोई कमी ना हो। उदाहरण के तौर पर एक लेब्राडोर के क्लॉज अप शॉट में सिर्फ दातों पर इफेक्ट का असर अच्छा था। बाकी तस्वीर सिर्फ गोल्डर ब्राउन फर थी, इससे ज्यादा कुछ भी नहीं। हाइज़ेनबर्ग नाम वाले लाइन आर्ट फिल्टर ने तो इस तस्वीर को बेहद ही घटिया बना दिया।



दूसरी तरफ, टीपू सुल्तान के समर पैलेस के अंदर की तस्वीर पर इस ऐप ने शानदार काम किया।


ऐसा ही घर में बनाए गए वॉफल की तस्वीरों के बारे में भी कहा जा सकता है। कई लाइन और ब्राइट कलर ने ऐप को कमाल करने का मौका दिया। ऐसे में आउटपुट तस्वीरें शानदार आईं।


हमने इस ऐप को आईपैड प्रो पर टेस्ट किया। इसे आईओएस 8 या उसके बाद के वर्ज़न पर चलाया जा सकता है, यानी यह आईफोन 4एस पर भी काम करेगा। हमारे आईपैड प्रो पर यह बेहद ही आसानी से चला। यह चंद सेकेंड में किसी भी तस्वीर पर फिल्टर अप्लाई करने में कामयाब रहा। अगर ऐप स्टोर के रिव्यू पर भी गौर करें तो लगता है कि ज्यादातर यूज़र को इसकी परफॉर्मेंस से कोई शिकायत नहीं है। ऐसे में इसे आपके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले डिवाइस पर ठीक से काम करना चाहिए।


हमें प्रिज़्मा ऐप बहुत पसंद आया। यह हमें लॉन्च के वक्त के इंस्टाग्राम की याद दिलाता है। हम फिलहाल असमंजस में हैं कि कितने लोग इसे इंस्टाग्राम की तरह लगातार इस्तेमाल करेंगे। इस ऐप को इस्तेमाल करना मज़ेदार है। लेकिन आप इन फिल्टर का इस्तेमाल अपने द्वारा ली गई हर तस्वीर पर नहीं करना चाहेंगे।


यह ऐप मुफ्त है व इसे इस्तेमाल करना और भी आसान। हमारा सुझाव होगा कि आप इसे एक बार ज़रूर इंस्टॉल करें। आगे आपकी पसंद।

व्हाट्सऐप का वीडियो कॉलिंग फ़ीचर कितना कारगर

 व्हाट्सऐप ने मंगलवार को बहुप्रतीक्षित वीडियो कॉलिंग फ़ीचर आम यूज़र के लिए लॉन्च कर दिया। कई दूसरे वीडियो कॉलिंग ऐप की तरह ही व्हाट्सऐप वीडियो कॉलिंग के लिए भी कोई पैसे नहीं लगेंगे। हालांकि, अगर आप वाई-फाई नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो आपको वीडियो कॉलिंग के लिए अपने डेटा प्लान के मुताबिक इंटरनेट चार्ज देना होगा। व्हाट्सऐप के एंड्रॉयड, आईफोन व विंडोज़ डिवाइस यूज़र अब ऐप के लेटेस्ट वर्ज़न के साथ वीडियो कॉल कर सकते हैं।



बता दें कि फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सऐप ने भारत में 16 करोड़ एक्टिव यूज़र होने का दावा किया है। भारत व्हाट्सऐप का सबसे बड़ा बाजार है। व्हाट्सऐप का कहना है कि नए वीडियो कॉलिंग फ़ीचर को भारत के हिसाब से काम करने केलिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है। भारत में अभी भी अधिकतर जगहों पर खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी है। हम इस फ़ीचर को हर किसी के लिए उपलब्ध कराना चाहते हैं ना केवल उनके लिए जो महंगे नए फोन खरीद सकते हैं और बेहतर सेल्युलर नेटवर्क वाले देशों में रहते हैं।

व्हाट्सऐप की टक्कर वीडियो कॉलिंग में ऐप्पल के फेसटाइम, वीडियो कॉलिंग के दिग्गज स्काइप और हाल ही में गूगल द्वारा लॉन्च किए गए डुओ सहित कई दूसरे ऐप से है। अब ऐसे में सवाल है कि क्या व्हाट्सऐप का वीडियो कॉलिंग फ़ीचर दूसरे वीडियो कॉलिंग ऐप से ज्यादा बेहतर साबित हो पाएगा? व्हाट्सऐप से की जाने वाली वीडियो क्वालिटी और ऑडियो क्वालिटी का हमने खुद अनुभव किया। और आज हम आपको बताएंगे कि वाई-फाई और मोबाइल डेटा नेटवर्क पर व्हाट्सऐप का वीडियो कॉलिंग फ़ीचर किस तरह पर परफॉर्म करता है।

व्हाट्सऐप वीडियो कॉल करने का तरीका बेहद आसान है। इसके दो तरीके हैं।
  
  • व्हाट्सऐप खोलें
  • कॉन्टेक्ट टैब में जाए
  • उन यूज़र को खोजें और टैप करें जिन्हें आप कॉल करना चाहते हैं
  • स्क्रीन पर सबसे ऊपर बने फोन आइकन पर टैप करें
  • अब दिख रहे विकल्प में वीडियो कॉल चुनें

बस हो गया, इस तरह आप पहली बार व्हाट्सऐप से वीडियो कॉल कर पाएंगे। इसके अलावा आप चैट विंडो में दो बार टैप करके भी वीडियो कॉलिंग कर सकते हैं। फुल स्क्रीन वीडियो के लिए आप फोन को अपनी सुविधानुसार लैंडस्केप या पोर्ट्रेट मोड पर घुमा सकते हैं।

हमने व्हाट्सऐप पर वाई-फाई और मोबाइल डेटा नेटवर्क दोनों से ही वीडियो कॉल किया। व्हाट्सऐप वीडियो कॉल में वाई-फाई और मोबाइल डेटा दोनों पर ही क्वालिटी लगभग एक जैसी है। व्हाट्सऐप कॉल के दौरान वीडियो कॉल आने पर वहीं रिंगटोन सुनाई देगी जो आपके स्मार्टफोन में मोबाइल कॉल के दौरान बजती है। व्हाट्सऐप से वाई-फाई नेटवर्क इस्तेमाल करने पर वीडियो क्वालिटी बेहतर नहीं है और वीडियो बहुत ज्यादा पिक्सलेट हो जाती है। इसके साथ ही अगर वाई-फाई सिग्नल अच्छे नहीं है तो वीडियो बीच में ही रुक जाता है और पुअर कनेक्शन होने पर कई बार कॉल डिसकनेक्ट भी हो जाता है। ऑडियो क्वालिटी को औसत से ज्यादा बेहतर नहीं कहा जा सकता क्योंकि आवाज़ रुक-रुक कर जाती है। हेडफोन के साथ इस्तेमाल करने पर भी आवाज़ साफ सुनाई नहीं पड़ती। मोबाइल डेटा नेटवर्क के इस्तेमाल के साथ भी वी़डियो कॉल की क्वालिटी में कोई फर्क नहीं पड़ता।

वीडियो कॉल के दौरान आप मल्टीटास्किंग भी कर सकते हैं। इसके लिए वीडियो कॉल के दौरान नीचे दिख रहे मैसेज आइकन पर क्लिक करना होगा जिससे वीडियो कॉल इंटरफेस बैकग्राउंड में चला जाएगा। वीडियो कॉलिंग के दौरान किसी यूज़र को मैसेज भी भेजा जा सकता है। और फिर वापस वी़डियो कॉल पर स्विच किया जा सकता है। बांयीं तरफ दिख रहे कैमरा आइकन पर क्लिक कर फ्रंट व रियर कैमरा को स्विच कर सकते हैं। दांयीं तरफ दिए गए माइक आइकन पर क्लिक कर कॉल को म्यूट कर सकते हैं।

व्हाट्सऐप पर वीडियो कॉल पूरी तरह से इनक्रिप्टेड हैं। आईओएस में व्हाट्सऐप वीडियो कॉल का इंटरफेस थोड़ा सा अलग है। लेकिन अधिकतर फ़ीचर एक जैसे ही हैं।

व्हाट्सऐप का दावा है कि वीडियो कॉलिंग फ़ीचर को भारत के इंटरनेट कनेक्टिविटी के हिसाब से ऑप्टिमाइज़ किया गया है। और खराब इंटरनेट कनेक्शन के दौरान भी यह फ़ीचर अच्छे से काम करेगा। लेकिन वी़डियो कॉल की क्वालिटी बहुत बेहतर नहीं है। ऐसे में कंपनी के बड़े दावे कहां तक सही है इस बारे में आने वाले समय में ही पता लगेगा।

हम पहले से ऐप्पल के फेसटाइम, स्काइप और फेसबुक मैसेंजर जैसी वीडियो कॉलिंग सर्विस का इस्तेमाल भी कर चुके हैं। बात करें डेटा खर्च की तो ऐप्पल का फेसटाइम सबसे कम डेटा खपत करता है। 4 मिनट की वीडियो कॉल के दौरान फेसटाइम ने 8.8 एमबी डेटा जबकि स्काइप व व्हाट्सऐप ने 12.3 और 12.74 एमबी डेटा खपत किया। इन सभी कॉल को दिल्ली-एनसीआर में वोडाफोन के 3जी नेटवर्क से किया गया।

हमने गूगल डुओ और फेसटाइम के वीडियो कॉलिंग फ़ीचर का इस्तेमाल भी किया है। और हमें वाई-फाई व मोबाइल नेटवर्क पर वीडियो कॉल व ऑडियो कॉल क्वालिटी बहुत ज्यादा स्पष्ट और अच्छी लगी। फेसटाइम और गूगल डुओ में वीडियो व ऑडियो क्वालिटी व्हाट्सऐप से की जाने वाली वीडियो कॉल से बहुत ज्यादा बेहतर है।

स्विफ्टकी कीबोर्ड ऐप का हिंदी ट्रांसलिट्रेशन फ़ीचर है काम का

स्मार्टफोन की दुनिया में लोग बात करने के लिए जुबान के साथ ऊंगलियों पर भी आश्रित होने लगे हैं। आपने सही पहचाना, हम बात कर रहे हैं मैसेज की। मज़ेदार बात यह है कि हर कोई अपनी भाषा में बात करने का भी शौक रखता है। शायद यही वजह है कि दिन प्रतिदिन हिंदी के साथ अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के मकसद से कंपनियां नई किस्म के प्रयोग कर रही हैं।


नए ज़माने के यूज़र का ख्याल रखते हुए गूगल ने इंडिक कीबोर्ड का पेश किया। इसके बाद कई कंपनियों ने इस दिशा में प्रयोग किए। अब लोकप्रिय कीबोर्ड ऐप स्विफ्टकी में भी गूगल के इंडिक कीबोर्ड जैसे फ़ीचर जोड़े गए है। पहले इस ऐप से नेटिव हिंदी कीबोर्ड में टाइप करना संभव था। लेकिन अब ट्रांसलिट्रेशन फ़ीचर को इसका हिस्सा बना दिया गया है।



यानी अगर आप अंग्रेजी में Namaste टाइप करते हैं तो यह अपने आप 'नमस्ते' हो जाता है। कंपनी की ओर से हिंदी और गुजराती भाषा में ट्रांसलिट्रेशन सपोर्ट मुहैया कराई गई हैं।


हमने इस कीबोर्ड ऐप को इस्तेमाल में लाया। आइए आपके साथ अपने अनुभव को साझा करते हैं। बता दें कि हमने इस ऐप के बीटा वर्ज़न को इस्तेमाल में किया है। फाइनल बिल्ड का अनुभव थोड़ा अलग हो सकता है।


सबसे पहले आपको ये कीबोर्ड इंस्टॉल करके इनेबल करना होगा। इसके बाद आप स्विफ्टकी बीटा ऐप को एक्टिव कर दें। ऐप के बारे में टाइपिंग के दौरान आपको बेहतर प्रिडिक्शन देने का दावा किया गया है। इसके बाद आपको अपने ऐप को जीमेल अकाउंट से वैरिफाई करना होगा। अब कीबोर्ड इस्तेमाल करने के लिए तैयार है। आपसे सबसे पहले अपने कीबोर्ड कस्टमाइज़ करने का विकल्प मिलेगा। इसमें लैंगवेज जोड़ना होगा। आप लैंगवेज में जाकर हिंदी फोनेटिक और हिंगलिश भाषा सेलेक्ट कर पाएंगे।हमने सबसे पहले हिंदी को सेलेक्ट करके इसकी टेस्टिंग की। कंपनी के दावे के मुताबिक, टाइप करना आसान था। इसका प्रिडिक्शन भी ठीक काम कर रहा था। और इसके लिए मैसेज बॉक्स के ठीक नीचे एक प्रिडिक्शन बार बना हुआ दिखता है। कीबोर्ड एक शब्द के कई प्रिडिक्शन देता है। ज़रूरी नहीं है कि वह स्क्रीन पर नज़र आए। आपको कीबोर्ड ऐप की दायीं तरफ ऊपरी हिस्से में एक नीचे वाला निशान नज़र आएगा। आप इसपर क्लिक करके कीबोर्ड द्वारा दिखाए जा रहे अन्य सुझावों को देख पाएंगे।


अगर आपको हिंदी में शब्द लिखना है कि टाइपिंग अंग्रेजी में कीजिए। जैसे ही पहला शब्द खत्म होने वाला हो, ट्रांसलिट्रेशन के हिंदी सुझाव में से सही शब्द को चुन लें। इसके साथ कीबोर्ड अपने आप अनुमान लगा लेता है कि आप हिंदी में लिखना चाहते हो। इसके बाद अगले शब्द अपने आप ही हिंदी में तब्दील होने लगते हैं। लेकिन हमारा अनुभव इतना भी सुखद नहीं रहा।


कई बार हिंदी में लिखते-लिखते शब्द अंग्रेजी में ही रह गए। इस कारण से टाइपिंग का क्रम बार-बार टूटा। हो सकता है कि ऐसा बीटा वर्ज़न के कारण हो रहा हो। उम्मीद है कि यह फाइनल बिल्ड में बेहतर काम करेगा। दावा किया गया है कि किसी एक शब्द के लिए कीबोर्ड ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों में सुझाव देता है। लेकिन नेटिव हिंदी कीबोर्ड को एक्टिव करने के बाद जब भी हमने किसी शब्द को टाइप किया। कीबोर्ड ने अंग्रेजी का प्रिडिक्शन नहीं दिखाया।


बता दें कि हम पहले से गूगल के इंडिक कीबोर्ड इस्तेमाल करते रहे हैं। ऐसे में इस कीबोर्ड का आदी होने में थोड़ा वक्त लगा। लेकिन हम भरोसे के साथ कह सकते हैं कि यह कीबोर्ड तेजी से काम करता है, खासकर इंग्लिश से हिंदी ट्रांसलिट्रेशन के मामले में। प्रिडिक्शन भी बहुत हद तक सटीक है। और यह इस्तेमाल के साथ और सुधरेगा।


इन सबके अलावा आप चाहें तो कीबोर्ड का साइज़ तय कर सकते हैं। इसके अलावा कीबोर्ड का लेआउट भी अपनी सुविधा और पसंद से बदल सकते हैं। लेकिन गूगल इंडिक कीबोर्ड की जगह इसे इस्तेमाल के लिए आपको ट्रांसलिट्रेशन की थोड़ी कमियों को नज़रअंदाज करना होगा

गूगल अलो लाया आपका हिंदी असिस्टेंट

गूगल ने अमेज़न के एलेक्सा, ऐप्पल के सिरी और माइक्रोसॉफ्ट के कोर्टाना को टक्कर देने के इरादे से अपनी स्मार्ट सर्विस गूगल असिस्टेंट लॉन्च की। गूगल ने सबसे पहले गूगल असिस्टेंट क गूगल आई/ओ कॉन्फ्रेंस में मई 2016 में  पेश किया था। गूगल असिस्टेंट, गूगल नाउ का ही एक बेहतर वर्जन है और यह गूगल के 'ओके गूगल' वॉयस कंट्रोल का विस्तार भी है। गूगल असिस्टेंट गूगल पिक्सल स्मार्टफोन, गूगल होम और गूगल अलो ऐप में उपलब्ध है। लेकिन गूगल अलो ऐप लगभग सभी एंड्रॉयड और आईफोन डिवाइस में काम करता है इसलिए कह सकते हैं कि गूगल असिस्टेंट सभी स्मार्टफोन को सपोर्ट करता है।



गूगल अलो ऐप को सितंबर में लॉन्च किया गया था। गूगल ने सितंबर महीने में आयोजित मेक इन इंडिया इवेंट में साल के अंत तक अलो ऐप में हिंदी असिस्टेंट फ़ीचर देने का वादा किया था। और दिसंबर में अलो में गूगल असिस्टेंट के लिए हिंदी सपोर्ट जारी किया गया। गूगल असिस्टेंट में अंग्रेजी के अलावा सपोर्ट करने वाली हिंदी दूसरी भाषा है। गूगल के मुताबिक, भारत में सबसे ज़्यादा अलो ऐप का इस्तेमाल होता है। नए फ़ीचर के आ जाने के बाद अलो में मौज़ूद गूगल असिस्टेंट हिंदी को समझता है और उसी भाषा में प्रतिक्रिया भी देता है।  नए फ़ीचर की जानकारी देते हुए गूगल ने यह भी दावा किया कि ऐप टेक्स्ट के अलावा हिंदी में तस्वीरों को भी पहचानेगा।

गूगल असिस्टेंट के हिंदी फ़ीचर को एंड्रॉयड व आईओएस दोनों डिवाइस में जारी किया गया है। असिस्टेंट को हिंदी में इस्तेमाल करने के लिए, यूज़र को 'टॉक टू मी इन हिंदी' कहना होगा या फिर अपने डिवाइस की लैंग्वेज की सेटिंग को एडजस्ट करना होगा। गूगल अलो में गूगल असिस्टेंट एक सर्च इंजन के तौर पर काम करता है यानी यह आपके हर सवाल का जवाब दे सकता है। आज हम आपको बताएंगे कि गूगल असिस्टेंट में हिंदी सपोर्ट हमें कैसा लगा। हमने अलो ऐप के गूगल असिस्टेंट में हिंदी सपोर्ट का रिव्यू किया है।


सबसे पहले अलो ऐप में गूगल असिस्टेंट में जाएं और बात शुरू करें। मजेदार बात है कि हिंदी में बात करने के दौरान अब जब चाहें तब अंग्रेजी में भी बात कर सकते हैं। अगर आप लिखने से बोर हो गए हैं तो आपको यहां वॉयस टाइपिंग का मज़ा भी मिल जाएगा। गूगल असिस्टेंट में हिंदी में चैट करने के दौरान हिंदी में जबकि अंग्रेजी में बात करने के दौरान अंग्रेजी में सुझाव मिलता है।


गूगल असिस्टेंट से अगर आप पूछते हैं कि तुम क्या कर सकती हो, तो यह आपको घूमना, मनोरंजन, खेलकूद जैसे कई सारे विकल्प बताएगी। आप इनमें से अपना मनचाहा विकल्प चुन सकते हैं।


गूगल असिस्टेंट में आपको मौसम की जानकारी भी मिल जाएगी। आप चाहें तो मौसम के अपेडट के लिए हर रोज़ का विकल्प चुन सकते हैं। इसके अलावा अगर आपके मन कविता सुनाने का है तो गूगल असिस्टेंट से कहें और हो गई आपकी मुराद पूरी।  


अगर मैं गूगल असिस्टेंट से पूछती हूं कि मैं बहुत बोर हो रही हूं- तो यह असिस्टेंट हिंदी में मजेदार चुटकुला सुनाती है यानी यह आपके दोस्त का रोल भी अदा करेगी। बोरियत दूर करने के कई विकल्प असिस्टेंट सुझाएगी।

 आप क्रिकेट के शौकीन हैं तो अब सारे मैच का शेड्यूल आपको असिस्टेंट में बस एक क्लिक पर मिल जाएगा। पूछें, क्रिकेट मैच कब है- और ये लीजिए इंटरनेशनल क्रिकेट शेड्यूल आपके सामने है। अगर आप किसी फ़िल्म के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं तो बस उसका नाम लिख दें और आपको उससे जुड़ी जानकारी भी मिल जाएगी।


चाहें तो आप गूगल असिस्टेंट के साथ अपने सुख और दुख भी बांट सकते हैं। जैसे कि अगर आप कहते हैं कि मेरी शादी हो रही है तो यह आपको बधाई देगी। आपसे कहेगी कि आप तो बहुत उत्साहित होंगे।


हमें लगता है कि चाहें आपको किसी चीज की जानकारी हासिल करनी हो या आप बोर हो रहे हों, गूगल असिस्टेंट वाकई आपके असिस्टेंट की भूमिका निभाता है।  गूगल असिस्टेंट का हिंदी सपोर्ट फ़ीचर हमें बेहद रोचक लगा और सबसे ख़ास बात इसके सटीक और मज़ेदार जवाब। जो आपको इसका फैन बना सकते हैं।  इसके अलावा अगर आपको कोई जवाब पसंद आता है तो आप थंब अप जबकि नापसंद होने पर थंब डाउन कर सकते हैं। थंब डाउन होने की स्थिति में असिस्टेंट आपसे पूछेगी कि आपको क्या पसंद नहीं आया और इसे कैसे बेहतर किया जा सकता है। इसके अलावा थंब अप होने की स्थिति में आपका शुक्रिया अदा भी किया जाएगा।


गूगल असिस्टेंट में वॉयस टाइपिंग फ़ीचर भी हमें बेहद पसंद आया। और इसके सटीक हिंदी पहचानने की क्षमता ने हमें ख़ासा आकर्षित किया। गूगल असिस्टेंट निश्चित तौर पर अलो ऐप में सबसे ज्यादा मजे़दार और काम का फ़ीचर है और ख़ासतौर पर हिंदी बोलने और लिखने वाले यूज़र के लिए।

Paytm First Games ऐप की दो हफ्ते बाद हुई Google Play पर वापसी

 Paytm app के साथ-साथ Paytm First Games App को Google Play से हटाए जाने के दो हफ्ते बाद एक बार फिर इसकी वापसी कर दी गई है। हालांकि, पेटीएम ऐप की वापसी उसी दिन गूगल प्ले पर हो गई थी, लेकिन पेटीएम फर्स्ट गेम्स की वापसी से पहले इसमें कई जरूरी बदलाव किए गए हैं। पेटीएम ऐप और पेटीएम फर्स्ट गेम्स ऐप को प्ले स्टोर से हटाते वक्त गूगल ने कहा था कि उनकी पॉलिसी किसी भी प्रकार के कैसिनो की अनुमति नहीं देती है या किसी भी ऐसे अनियमित गैंबलिंग ऐप्स का समर्थन नहीं करती है, जो खेल सट्टेबाजी की सुविधा प्रदान करते हैं।


Google Play पर वापसी के साथ मौजूद Paytm First Games किसी प्रकार का रियल कैश नहीं मांगता, लेकिन इसमें बोनस अकाउंट है जो पिछली बिड से बोनस जोड़ता है। हालांकि, यह गूगल प्ले पर मौजूद पुराने पेटीएम फर्स्ट गेम्स ऐप से अलग है, जिसमें फैंटेसी गेम्स खेलने के लिए रियल कैश ट्रांसजेक्शन शामिल होता था।


Gadgets 360 ने इस संबंध में Google और Paytm दोनों कंपनियों से मंगलवार को संपर्क साधा है, लेकिन दोनों ही कंपनियों ने इस बारे में फिलहाल कोई आधिकारिरक बयान नहीं दिया है। हालांकि, बुधवार को पब्लिश ब्लॉग पोस्ट के जरिए ऐलान किया गया है कि पेटीएम फर्स्ट गेम्स ऐप की वापसी गूगल प्ले पर हो गई है।



गौरतलब है कि नोएडा स्थित One97 Communications के स्वामित्व वाली कंपनी का कहना है कि वह फ्री फैंटसी स्पोर्ट्स के साथ इस ऐप को वापस लेकर आए हैं, जबकि ऐप का Pro वर्ज़न सीधे Paytm First Games की वेबसाइट के जरिए डाउनलोड किया जा सकता है। ऐप का प्रो वर्ज़न गूगल प्ले पर मौजूद पेटीएम फर्स्ट गेम्स ऐप के पहले वर्ज़न जैसा ही है, जिसमें रियल कैश को आप UPI, कार्ड्स और नेटबैंकिंग के जरिए पैसे एड कर सकते हैं। हालांकि, गूगल प्ले पर मौजूद नए वर्ज़न पर अब यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।

 आपको बता दें, 18 सितंबर को Google ने Paytm और Paytm First Games App को Google Play से हटा दिया गया था। कंपनी ने शुरुआती रूप में स्पष्ट नहीं किया कि ऐप्स को गूगल प्ले से क्यों हटाया गया है, हालांकि बाद में कंपनी ने पुष्टि करते हुए बताया है कि इसे हटाए जाने के पीछे का कारण गैंबलिंग है, जो कि गूगल प्ले की नीतियों का उल्लंघन है। हालांकि, कुछ घंटों बाद ही गूगल प्ले पर पेटीएम की वापसी कर दी गई थी।

Wednesday, October 7, 2020

WhatsApp में जल्द जुड़ सकता है अनूठा फीचर

 WhatsApp इन दिनों Expiring Media नामक नए फीचर पर काम कर रहा है, इस फीचर के तहत यूज़र्स के चैट छोड़ते ही प्राप्त की गई तस्वीरें, वीडियो व जीआईएफ जैसी मीडिया फाइल एक व्यू के बाद खुद-ब-खुद चैट से गायब हो जाएंगी। माना जा रहा है कि यह लेटेस्ट फीचर Expiring Messages फीचर का ही विस्तार है, जिस पर इंस्टेंट मैसेजिंग कंपनी पिछले कुछ समय से काम कर रही है। एक्सपायरी मीडिया के साथ व्हाट्सऐप यूज़र्स अस्थायी रूप से दूसरे यूज़र्स को फोटो वीडियो भेज सकेंगे।



WhatsApp फीचर ट्रैकर WABetaInfo ने कुछ स्क्रीनशॉट्स साझा किए हैं, जिसमें इस फीचर के इस्तेमाल को देखा जा सकता है। एक स्क्रीनशॉट में देखा जा सकता है कि यह फीचर एक समर्पित टाइमर बटन के जरिए एक्सेस के लिए उपलब्ध होगा। यूज़र्स को अपनी चैट में मीडिया फाइल एड करने के बाद उस बटन पर टैप करना होगा। अन्य स्क्रीनशॉट के अनुसार, सिलेक्ट मीडिया कॉन्टेंट एक्सपायरेशन को इनेबल करेगा।

 WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपायरिंग मीडिया फीचर इनेबल तस्वीरें व वीडियो जिस यूज़र को भेजी गई है, उसके चैट विंडो छोड़ते ही वो वीडियो व तस्वीर पूरी तरह से गायब हो जाएगी। यही नहीं, इसके अलावा, व्हाट्सऐप ने इस फीचर के जरिए भेजी गई मीडिया फाइल्स के लिए एक टाइमर आइकन भी पेश किया है, ताकि फाइल प्राप्त करने वाले यूज़र्स को मालूम चल सके कि भेजी गई फाइल लिमिटेड समय के लिए ही है चैट छोड़ते ही यह गायब हो जाएगी।


WABetaInfo ने उल्लेख किया कि यह नया फीचर शुरुआती स्टेज पर एंड्रॉयड यूज़र्स  के लिए डेवलप किया गया है, हालांकि इसे एंड्रॉयड और आईफोन दोनों यूज़र्स को प्रदान किया जाएगा।

 

अब MyJio ऐप से करें राशन ऑर्डर

 JioMart को MyJio ऐप के साथ इंटीग्रेट किया गया है। अब Jio ग्राहक बिना दूसरी वेबसाइट व ऐप खोले सीधे  MyJio ऐप में ही JioMart का एक्सेस कर सकते हैं। माई जियो ऐप के अंदर इस मिनी-ऐप को अन्य इंटीग्रेटिड ऐप्स लिस्टिंग के साथ स्थित किया गया है, यह UPI के ऊपर मौजूद है जिसे हाल ही में पेश किया गया है। आपको बता दें, यह ऑनलाइन ग्रोसरी स्टोर माई जियो ऐप में बीटा में उपलब्ध है, जिस कारण इसमें बग होने की संभावना है।



Reliance के JioMart को MyJio App के अंदर लाइव कर दिया गया है। लिस्टिंग के अलावा, माई जियो ऐप में पॉप-अप भी दिया गया है, जिसके जरिेए यूज़र्स को जानकारी दी जा रही है कि जियो मार्ट अब सीधे माई जियो ऐप पर भी उपलब्ध है।


जियो मार्ट लिस्टिंग पर क्लिक करते हुए या फिर पॉप-अप पर क्लिक करते हुए यूज़र्स को ऐप के जियोकार्ट बीटा में पहुंचा दिया जाता है। जहां ग्राहक प्रोडक्ट्स की खरीदारी कर सकता है।


आपको बता दें, रिलायंस रीटेल और जियो प्लेटफॉर्म के द्वारा संचालित जियो मार्ट की शुरुआत इस साल जनवरी महीने में महाराष्ट्र में की गई थी। हालांकि मई महीने में इस सुविधा में विस्तार करते हुए इसे देश के अन्य क्षेत्रों में भी पहुंचाया गया। इस सुविधा का लाभ आप वेबसाइट व व्हाट्सऐप द्वारा उठा सकते हैं। जुलाई महीने में जियो मार्ट ने एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म के लिए मोबाइल ऐप पेश किया था।


कंपनी का दावा है कि जियो मार्ट देशभर में 200 से भी अधिक शहरों में उपलब्ध है, जो कि विभिन्न समान को MRP (maximum retail price) से पांच प्रतिशत कम दान पर पेश करते हैं।  जियो मार्ट यूज़र्स अपने कार्ट पर विभिन्न सामान को एड कर, अपने पसंदीदा पेमेंट मोड को चुनकर ऑर्डर प्लेस कर सकते हैं। इसके जरिए आप ताजे फल, सब्जियां, चावल, आटा, डेयरी आइटम, पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स और घरेलू सफाई के सामना मंगवा सकते हैं।

WhatsApp के एंड्रॉयड लेटेस्ट बीटा में मिला कैटालॉग शॉर्टकट व नया कॉल बटन फीचर

 WhatsApp के एंड्रॉयड यूज़र्स को लेटेस्ट बीटा वर्ज़न में नया कैटालॉग शॉर्टकट प्राप्त हुआ है, जो कि बिजनेस चैट्स के लिए उपलब्ध होगा। नए कैटालॉग शॉर्टकट के लिए जगह बनाने के लिए व्हाट्सऐप ने वीडियो कॉल और वॉयस कॉल शॉर्टकट को मर्ज करते हुए एक नया कॉल बटन पेश किया है। हालांकि, यह फीचर केवल बिजनेस अकाउंट के लिए ही उपलब्ध होगा। रेगुलर चैट्स के लिए इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब यह है कि व्हाट्सऐप पर अपने निजी कॉन्टेक्स के साथ चैट करने पर आपको वीडियो और वॉयस कॉल शॉर्टकट अभी भी दिखेगा।


WhatsApp ट्रैकर WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, एंड्रॉयड के लिए व्हाट्सऐप वर्ज़न 2.20.201.4 बीटा में नए कैटालॉग शॉर्टकट को जगह देने के लिए नया सम्मिलित कॉल बटन पेश किया है। नए कॉल बटन पर एक बार टैप करने पर आपको पॉप-अप मैन्यू नज़र आएगा जिसमें आपको विकल्प दिया जाएगा कि आप वीडियो कॉल करना चाहेंगे या फिर वॉयस कॉल।आपको बता दें, नया कॉल बटन फीचर केवल बिजनेस चैट्स के लिए ही उपलब्ध है, जिसमें व्हाट्सऐप पर कैटालॉग ऑफर किए जाते हैं। इस विकल्प को मौजूदा वीडियो और वॉयस कॉल शॉर्टकट की जगह दी गई है, जो कि रेगलुर चैट्स में अभी भी उपलब्ध है।



कैटालॉग शॉर्टकट अपडेट का उद्देश्य व्हाट्सऐप के माध्यम से बिजनेस करने वाले यूज़र्स के प्रोटक्ट पोर्टफोलियो का क्विक एक्सेस प्रदान करेगा।


WABetaInfo ने इस महीने की शुरुआत में इस फीचर की जानकारी व्हाट्सऐप वर्ज़न 2.20.200.3 बीटा में दी थी। हालांकि, अब इस फीचर को सभी बीटा यूज़र्स के लिए वर्ज़न 2.20.201.4 बीटा में पेश कर दिया गया है।


आप व्हाट्सऐप बीटा प्रोग्राम का हिस्सा बनने के बाद लेटेस्ट बीटा को अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, लेटेस्ट व्हाट्सऐप बीटा रिलीज़ एपीके मिरर के माध्यम से एपीके फाइल में उपलब्ध है, जिसे आपके फोन में साइलोडेड किया जा सकता है।


आपको बता दें, हाल ही के बीटा रिलीज़ में व्हाट्सऐप ने मच अवेटिड मल्टी डिवाइस फीचर और वॉलपेपर कस्टमाइज़ेशन जैसे फीचर के संकेत दिए हैं। इसके अलावा, इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप ने “recently used emoji” से जुड़ी समस्या में भी सुधार पेश किया था।

Instagram Reels में अब बना सकेंगे 30 सेकेंड का वीडियो

 Instagram का लेटेस्ट अपडेट यूज़र्स को 30 सेकेंड लम्बी वीडियो बनाने की सुविधा प्रदान करेगा। अब, तक केवल इस प्लेटफॉर्म पर 15 सेकेंड्स की वीडियो बनाई जा सकती थी। इंस्टाग्राम ने कुछ बेसिक लेकिन महत्वपूर्ण व उपयोगी फीचर्स रील्स के लिए पेश करने की घोषणा की है, जिसके साथ TikTok के विकल्प के तौर पर उभरने वाले रील्स फीचर को और ज्यादा सुविधाजनक बनाया जा सके। आपको बता दें, इस फीचर को कुछ महीने पहले ही भारत में पेश किया गया है। 30 सेकेंड लम्बी वीडियो बनाने के अलावा आने वाले अपडेट के साथ रील्स में टाइमर की सीमा को बढ़ाकर 10 सेकेंड कर दिया जाएगा। साथ ही आप वीडियो को ट्रिम और गैर-जरूरी क्लिप को डिलीट भी कर सकेंगे। इंस्टाग्राम जल्द ही अपने यूज़र्स के लिए इन नए अपडेट्स को ज़ारी करने वाला है।

 


Instagram ने Reels  के लिए इन अपडेट की जानकारी ट्विटर के माध्यम से दी। रील्स के लिए पेश किए जाने वाले इन अपडेट का उद्देश्य शॉर्ट वीडियो मेकिंग व अपलोडिंग फीचर रील्स को और भी ज्यादा सहज बनाना है।

आपको बता दें, रील्स इंस्टाग्राम का एक शॉर्ट वीडियो मेकिंग एंड शेयरिंग फीचर है, जिसके जरिए यूज़र्स वीडियो को रिकॉर्ड व ऑडियो व विजुअल इफेक्ट्स के साथ एडिट कर सकते हैं। भारत में TikTok ऐप के बैन हो जाने के बाद फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी ने टिक-टॉक जैसी शॉर्ट वीडियो सुविधा देने वाले इस फीचर को लॉन्च किया था।  

टिकटॉक पर यूज़र्स 1 मिनट तक की लम्बी वीडियो को रिकॉर्ड करके अपलोड कर सकते थे। जबकि रील्स की लम्बाई थोड़ी कम थी, लेकिन नए अपडेट के बाद रील्स फीचर भी कुछ उतनी ही लम्बी वीडियो यूज़र्स को प्रदान करेगा जो टिकटॉक ऑफर करता था। आपको बता दें, अब तक रील्स पर केवल 15 सेकेंड्स लम्बी वीडियो ही बनाकर अपलोड की जा सकती है।

लम्बी वीडियो के अलावा आगामी अपडेट के जरिए रील्स वीडियो एडिटिंग प्रोसेसर को भी सहज बनाएगा। वर्तमान समय में रील्स पर वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए केवल 3 सेकेंड्स का ही समय मिलती है, लेकिन नए अपडेट के बाद यह टाइमर 10 सेकेंड्स तक सेट किया जा सकता है।

गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी इंस्टाग्राम ने भारत में ऐप पर रील्स के लिए एक अलग टैब पेश किया था। इस टैब का उद्देश्य यूज़र्स को आसानी से रील्स वीडियो का एक्सेस प्रदान करना है। आपको बता दें, भारत पहला देश है जहां सबसे पहले रील्स के लिए टैब पेश किया गया है।

Mobile cloning क्या है

 क्या अथॉरिटी आपके WhatsApp अकाउंट को एक्सेस कर सकती है? यह सवाल आपके दिमाग में भी तब जरूर आया होगा जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने दीपिका पादुकोण और श्रद्धा कपूर को उनके साल 2017 व्हाट्सऐप चैट के आधार पर समन ज़ारी किया था। यह चैट्स टैलेंट मैनेजर जया शाह के मोबाइल फोन से ली गई हैं। लेकिन सवाल यह खड़ा होता है कि उन चैट्स को फोन से कैसे रीट्रीव (पुनः प्राप्त) किया गया? कई लोगों का मानना है कि मोबाइल क्लोनिंग के सहारे ऐसा किया गया होगा। यह कोई नई टेक्नोलॉजी नहीं है बल्कि इसका इस्तेमाल कई सालों से हो रहा है।



मोबाइल फोन क्लोनिंग का इस्तेमाल पिछले काफी समय से हो रहा है। इस तकनीक के जरिए क्लोन किए जा रहे फोन के डेटा व सेलुलर आइडेंटिडी को एक नए फोन में कॉपी किया जाता है। हालांकि, फोन की क्लोनिंग निजी तौर पर गैरकानूनी है। अथॉरिटी यूज़र के फोन का डेटा एक्सेस करने के लिए कानूनी तौर पर फॉरेंसिक का सहारा लेते हैं। इस प्रक्रिया में International Mobile Station Equipment Identity (IMEI) नंबर की ट्रांसफरिंग भी इनेबल होती है।


फोन क्लोनिंग के लिए महज प्रोग्रामिंग स्किल्स की जरूरत होती है और कुछ ही मिनटों में एक फोन का पूरा का पूरा डेटा दूसरे डिवाइस में पहुंच जाता है। पहले डेटा कॉपी करने के लिए फोन हाथ में लेना जरूरी होता था, लेकिन एडवांस हो रही स्मार्टफोन की दुनिया में अब यह भी जरूरी नहीं रह गया है। अब महज ऐप के इस्तेमाल से फोन क्लोनिंग की जा सकती है, वो भी बिना फोन को छूए।


क्लोनिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद, पुराने फोन की व्हाट्सऐप चैट को नए फोन के क्लाउड में मौजूद रिसेंट बैकअप स्टोर में जाकर एक्सेस किया जा सकता है या फिर आईक्लाउड के गूगल ड्राइव में जाकर। आपके पास फोन कौन-सा है यह इस पर निर्भर करता है।


यह ध्यान देना जरूरी है कि व्हाट्सऐप चैट आपके फोन में एन्क्रिप्टेड है और बात-चीत भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है। लेकिन व्हाट्सऐप बैकअप के साथ ऐसा नहीं है, इसे फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी द्वारा एन्क्रिप्ट नहीं किया गया है।


WhatsApp ने अपने FAQ पोस्ट में साफ बताया है कि फोन का बैकअप फोन नंबर और गूगल अकाउंट से जुड़ा होता है। इसका मतलब यह है कि कोई भी व्यक्ति आपके बैकअप से चैट को आसानी से हासिल कर सकता है। हालांकि, फोन क्लोनिंग में रीसेंट बैकअप के जरिए चैट्स को ट्रांसफर किया जा सकता है। आपको बता दें, Huawei ने अपने फोन में खासतौर पर एक ऐसा प्रोसेस दिया था, जहां यूज़र्स पहले से फोन में आने वाले क्लोन ऐप का इस्तेमाल करके बैकअप से व्हाट्सऐप डेटा प्राप्त कर सकते थे।

WhatsApp का ‘Expiring Media

Android के लिए WhatsApp 2.20.201.6 बीटा में नए फीचर की झलक देखने को मिली है, जिसे ‘Expiring Media' कहा जाएगा। जैसे कि नाम से समझ आता है यह फीचर यूज़र्स को भेजी गई मीडिया फाइल्स जैसे इमेज़, वीडियो और GIF को एक बार देखने के बाद गायब कर देगा। शुरुआती रूप से इस फीचर की जानकारी व्हाट्सऐप 2.20.201.1 बीटा के जरिए प्राप्त हुई थी। लेकिन लेटेस्ट बीटा वर्ज़न के जरिए अब सुझाव मिला है कि आखिरकार यह फीचर यूज़र्स के लिए किस प्रकार काम करेगा।



WhatsApp फीचर ट्रैकर WABetaInfo के द्वारा व्हाट्सऐप 2.20.201.6 बीटा के साझा किए स्क्रीनशॉट्स में देखने को मिला है, इस्टेंट मैसेजिंग ऐप मैसेज प्राप्त करने वाले यूज़र्स को पॉप-अप मैसेज के जरिए एक्सपायरिंग मीडिया फीचर की जानकारी देगा। इस पॉप-अप मैसेज में लिखा होगा, “This media will disappear once you leave this chat” (यह मीडिया फाइल चैट छोड़ते ही गायब हो जाएगी)। नए फीचर का इस्तेमाल करते हुए साझा की गई मीडिया फाइल पर यह मैसेज यूज़र को दिखाई देगा।इसके अलावा, सोर्स के जरिए साझा किए एक स्क्रीनशॉट में यह भी देखा जा सकता है कि जैसे ही मैसेज प्राप्त करने वाला यूज़र चैट छोड़ेगा एक बबल सामने आएगा, जिस पर लिखा होगा “View once photo expired”। व्हाट्सऐप इस फीचर के लिए एक समर्पित बटन भी पेश करेगा, जो कि एक्सपायरिंग मीडिया फीचर को इनेबल करते हुए फाइल भेजने में मदद करेगा, इस बटन को View Once कहा जा सकता है।


सामने आया रेफरेंस लेटेस्ट व्हाट्सऐप बीटा वर्ज़न का हिस्सा है, हालांकि एंड यूज़र्स के लिए यह फीचर विज़िबल नहीं है। लेकिन, पहले सामने आई जानकारी के लिहाज़ से इस फीचर में प्रगति हो रही है, उम्मीद की जा सकती है कि भविष्य में इसे कम से कम बीटा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है।


एक्सपायरिंग मैसेजिंग फीचर के अलावा कुछ नए फीचर्स भी ला सकता है, जो कि पिछले कुछ समय से ऐप की योजनाओं का हिस्सा है। पिछले महीने इसका साफ सबूत व्हाट्सएप 2.20.197.10 बीटा में देखा गया था।


आपको बता दें, व्हाट्सऐप का एक्सपायरिंग मीडिया फीचर काफी हद तक Instagram की तरह ही है, जिसमें यूज़र्स के द्वारा डायरेक्ट मैसेज में भेजी गई फोटो व वीडियो अपने आप गायब हो जाती है।

Google Meet पर मुफ्त मीटिंग की समय सीमा पर होगी नई पाबंदी

कोरोना वायरस महामारी के दौरान Google की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सर्विस का इस्तेमाल दोगुना हो गया है। इस बीच अब इस Google Meet प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, जल्द ही गूगल मीट पर फ्री अनलिमिटेड वीडियो कॉलिंग सुविधा को महज 60 मिनट तक के लिए सीमित किया जाने वाला है। जी हां, टेक जाइंट गूगल के वीडियो चैट प्लेटफॉर्म गूगल मीट ने घोषणा की है कि 30 सितंबर के बाद गूगल मीट के फ्री वर्ज़न को 60 मिनट तक के लिए सीमित कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि 30 सितंबर के बाद आप गूगल मीट पर महज 60 मिनट यानी 1 घंटा ही मुफ्त मीटिंग का लाभ उठा सकते हैं।


Google के एक प्रवक्ता ने The Verge को ईमेल के जरिए बताया, (अनुवादित) प्रोमो और एडवांस फीचर्स के एक्सपायर होने से संबंधित हमारे पास फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। अगर कुछ ऐसा होता है, तो हम जरूर इसकी जानकारी देंगे।


आपको बता दें, अब-तक गूगल अकाउंट के साथ कोई भी शख्स Google Meet के जरिए 100 लोगों के साथ मुफ्त वीडियो कॉल कर सकता था, वो भी बिना किसी लिमिट के।


The Verge की रिपोर्ट के अनुसार, 30 सितंबर की समयसीमा अन्य सुविधाओं पर भी लागू होती है, जैसे कि G Suite एसेंशियल, जिसमें मीट के अधिक उन्नत फीचर जैसे 250 से अधिक लोगों के साथ वीडियो कॉल करने की सुविधा, डायल-इन फोन नंबर, सिंगल डोमेन पर 100,000 लोगों के साथ लाइव स्ट्रीम करने की सुविधा और गूगल डाइव पर गूगल मीटिंग की रिकॉर्डिंग सेव करने जैसी सुविधा आदि शामिल हैं। यह सभी फीचर्स भी यूज़र्स के लिए 30 सितंबर तक के लिए ही मुफ्त में उपलब्ध हैं।



यह फीचर केवल G Suite के "एंटरप्राइज" टायर के ग्राहकों के लिए ही उपलब्ध है, जिसकी कीमत प्रति यूज़र $25 (लगभग 1,800 रुपये) प्रति महीना है।

WhatsApp बीटा यूज़र्स को मिल रहा है नया फीचर

 WhatsApp ने एंड्रॉयड डिवाइसों के लिए एक नया बीटा वर्ज़न जारी किया है, जो टेस्टिंग उद्देश्यों के लिए एक रीडिज़ाइन किया गया स्टोरेज यूज़ेज सेक्शन लाता है। अपडेट की जानकारी देने वाले कुछ स्क्रीनशॉट पिछले महीने ऑनलाइन सामने आए थे। Android के लिए WhatsApp 2.20.201.9 बीटा पहली रिलीज है, जो रीडिज़ाइन किए गए स्टोरेज यूज़ेज सेक्शन की एक झलक प्रदान करता है। यह फीचर यूज़र्स के लिए उनके स्टोरेज को मैनेज करना आसान बनाता है। सेक्शन में व्हाट्सऐप मीडिया फाइलों द्वारा उपयोग किए जाने वाले स्पेस की विस्तार से जानकारी शामिल होती है। आप इसमें ऐप में मिली बड़ी फाइलों को भी देख सकेंगे।


जैसा कि WhatsApp के फीचर्स को ट्रैक करने वाले ब्लॉग WABetaInfo द्वारा बताया गया है, एंड्रॉयड के लिए आने वाले व्हाट्सऐप के लेटेस्ट बीटा में यूज़र्स के लिए धीरे-धीरे रीडिज़ाइन किया गया स्टोरेज यूज़ेज सेक्शन जोड़ा जा रहा है। हालांकि यह फीचर्स फिलहाल सभी बीटा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध नहीं है।

रीडिज़ाइन किया गया स्टोरेज यूज़ेज सेक्शन शुरुआत में जून में इसी ब्लॉग द्वारा लीक किया गया था। यह व्हाट्सऐप पर साझा की गई मीडिया फाइलों द्वारा लिए जाने वाले स्पेस को डिटेल में दिखाता है। फॉरवर्ड की गई फाइल्स और बड़ी फाइल्स के लिए सेटिंग्स> डेटा एंड स्टोरेज यूज़ेज> स्टोरेज यूज़ेज> सजेस्ट क्लीन अप ऑप्शन के तहत अलग से एक लिस्टिंग मिलती है।यूज़र्स अपनी फाइल्स को तारीख या उनके साइज़ के हिसाब से छांट भी सकते हैं। यह अपडेट यूज़र्स को उनकी गैर-महत्वपूर्ण फॉरवर्ड की गई फाइल्स और उन फाइल्स को तेज़ी से आराम से हटाने में मदद करता है और वह अपने फोन की स्टोरेज को आराम से मैनेज भी कर सकते हैं।

WhatsApp ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है कि डेवलपर्स इस फीचर को सभी यूज़र्स के लिए स्टेबल वर्ज़न में कब जारी करेंगे। हालांकि, यदि आप अपने एंड्रॉयड डिवाइस पर इसके बीटा वर्ज़न का उपयोग कर रहे हैं, तो आप Google Play पर जाकर या एपीके मिरर से लेटेस्ट वर्ज़न को साइडलोड करके इसे देख सकते हैं।

यह ध्यान देना ज़रूरी है कि रीडिज़ाइन किया गया स्टोरेज यूज़ेज सेक्शन प्रारंभ में सभी बीटा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध नहीं है और व्हाट्सऐप 2.20.9.9 बीटा के जरिए इसे धीरे-धीरे जारी किया जा रहा है। इसलिए संभावना अधिक है कि आप अपने फोन पर बीटा रिलीज़ को अपडेट करने के बाद भी यह नया सेक्शन न देख पाए।
 

Facebook ने मैसेंजर को इंस्टाग्राम के डायरेक्ट मैसेज के साथ किया मर्ज

 Facebook को लेकर लम्बे समय से खबरें थी कि जल्द ही यह व्हाट्सऐप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम को मर्ज करने की योजना बना रहा है। हालांकि, लेटेस्ट खबर के मुताबिक फेसबुक ने मैसेंजर को फोटो शेयरिंग ऐप Instagram के डायरेक्टर मैसेज सर्विस के साथ मर्ज कर दिया है। सामने आई जानकारी के अनुसार इंस्टाग्राम ने बुधवार को इंस्टाग्राम डायरेक्ट मैसेज को मैसेंजर से साथ कनेक्ट करने के विकल्प को रोल आउट करना शुरू कर दिया। इस विकल्प को चुनने के बाद यूज़र्स फेसबुक मैसेंजर के जरिए इंस्टाग्राम पर मैसेज भेज सकेंगे, वहीं इंस्टाग्राम के डायरेक्ट मैसेज के जरिए मैसेंजर पर मैसेज भेज सकते हैं।


Facebook ने इसका ऐलान अपने ब्लॉग पोस्ट के जरिए किया। कुछ यूज़र्स को यह फीचर ऐप ओपन करते ही नज़र आ रहा है। हालांकि, जो यूज़र्स अपने Instagram के Direct Messages को Messenger के साथ मर्ज नहीं करना चाहते, तो वह इस विकल्प को इग्नोर भी कर सकते हैं। वहीं, यदि यूज़र इस अपडेट को चुनतें है, तो अपडेट के बाद उनका इंस्टाग्राम मैसेजिंग एक्सपीरियंस काफ हद तक मैसेंजर जैसा हो जाएगा। यानी कि नए अपडेट के साथ इंस्टाग्राम यूज़र्स मैसेज फॉरवर्डिंग और चैट कस्टमाइज़ेशन जैसे फीचर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। चैट कस्टमाइज़ेशन में यूज़र्स अपनी चैट के रंग आदि में बदलाव कर सकते हैं अपनी चैट को निकनेम दे सकते हैं।



फेसबुक का कहना है कि यह फीचर्स सबसे पहले इंस्टाग्राम पर नज़र आएंगे और उसके बाद इन्हें मैसेंजर पर देखा जा सकेगा।


इस मर्जर के बाद एक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके दूसरे प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों से संपर्क किया जा सकता है वो भी बिना एक अलग ऐप डाउनलोड किए। हालांकि, इंस्टाग्राम से इंस्टाग्राम में की गई कॉल व मैसेज केवल इंस्टाग्राम ऐप में ही मौजूद रहेंगे।


साल 2019 की शुरुआत में फेसबुक के सीईओ Mark Zuckerberg ने एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का उल्लेख किया था, जो कि फेसबुक के सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के मर्जर का एक महत्वपूर्ण बेनेफिट है। बता दें, व्हाट्सऐप और मैसेंजर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को सपोर्ट करते हैं, लेकिन इंस्टाग्राम में फिलहाल इस सपोर्ट को पेश नहीं किया गया है। फेसबुक ने इस अपडेट की जानकारी देते हुए एन्क्रिप्शन का उल्लेख नहीं किया।

WhatsApp को मिला नया बीटा अपडेट

 WhatsApp एंड्रॉयड बीटा यूजर्स के लिए कई नए फीचर्स को सक्षम कर रहा है। इसमें एक बेहद उपयोगी 'ऑलवेज म्यूट' फीचर, एक नया स्टोरेज यूज़ेज यूआई और उसके टूल्स और एक अन्य फीचर शामिल है, जिसे मीडिया गाइडलाइन्स कहा जाता है। इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने एंड्रॉयड के लिए व्हाट्सऐप 2.20.201.10 बीटा जारी किया है और यह भी पता चला है कि बिज़नेस अकाउंट के लिए वीडियो और वॉयस कॉल बटन गायब हो गए हैं। नए फीचर्स को लेटेस्ट बीटा में सक्षम किया गया है, लेकिन कुछ के लिए इन्हें इस्तेमाल कर पाने का समय थोड़ा अधिक हो सकता है।



WABetaInfo ने Android के लिए लेटेस्ट WhatsApp 2.20.201.10 बीटा में कई नए फीचर्स को देखा है। सभी में सबसे उपयोगी फीचर ऑलवेज म्यूट फीचर है, जो चैट को म्यूट करते समय पहले उपलब्ध 'एक साल' विकल्प को बदल देता है। जैसा कि नाम से पता चलता है, इस फीचर के ज़रिए लोग ग्रुप या किसी एकल यूज़र को हमेशा के लिए म्यूट कर सकेंगे। हम इस फीचर को लेटेस्ट बीटा में देखने में सक्षम थे। WABetaInfo ने यह भी कहा है कि यदि यह तुरंत नहीं दिखाई देता है, तो इसे कुछ दिनों के भीतर सभी बीटा यूज़र्स को दिखाई देना चाहिए।


अपडेट बीटा यूज़र्स के लिए एक नया स्टोरेज यूज़ेज यूआई भी लेकर आता है। ट्रैकर कहता है कि रोल आउट पिछले बीटा में शुरू हुआ था, लेकिन उस समय रोल आउट सभी को दिखाई नहीं दे रहा था। एंड्रॉयड के लिए व्हाट्सऐप 2.20.201.10 बीटा के साथ, अब कई यूज़र्स इस फीचर को कथित तौर पर देख सकते हैं। हमें अभी भी यह नया यूआई प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन इसे कुछ दिनों में सभी यूज़र्स के लिए सक्षम हो जाना चाहिए।इसके अलावा, मीडिया गाइडलाइन्स पब्लिक बीटा टेस्टिंग के लिए सक्षम किए जा रहे हैं। यह फीचर यूज़र्स को स्टिकर्स और टेक्स्ट को अलाइन करने की अनुमति देता है, जब आप तस्वीरों, वीडियो और GIF को एडिट करते हैं। यह फीचर अभी भी हमारे लिए सक्षम नहीं है, लेकिन यह जल्द ही उपलब्ध होना चाहिए।


आखिर में, ट्रैकर ने देखा कि WhatsApp वैरिफाइड बिज़नेस अकाउंट में चैट में वॉयस और वीडियो कॉल बटन छिपा रहा है। बटन कॉन्टेक्ट इंफो से भी गायब हो गए हैं। यदि आप चैट और कॉन्टेक्ट लिस्ट में प्रोफाइल आइकॉन पर टैप करते हैं तो वे बटन अभी भी उपलब्ध हैं। व्हाट्सऐप इन चैट्स को क्यों छिपा रहा है, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। यह केवल एक टेस्ट हो सकता है और व्हाट्सऐप इसे भविष्य के अपडेट में वापस ला सकता है।

Mirzapur Season 2 का ट्रेलर रिलीज़, Amazon Prime Video

 लम्बे इंतज़ार के बाद आज आखिरकार Mirzapur सीज़न 2 का ट्रेलर रिलीज़ कर दिया गया है। Amazon Prime Video के द्वारा सार्वजनिक किए इस ढाई मिनट के ट्रेलर में मिर्जापुर 2 की पूरी कहानी की झलक दिखाई गई है। सीज़न 2 की कहानी वहां से ही शुरू होगी, जहां पहला सीज़न खत्म हुआ था। पहले सीज़न में कुछ किरदारों का अंत दिखाया गया था, वहीं दूसरे सीज़न में कुछ नए किरदारों की एंट्री की गई है। बात ट्रेलर की करें, तो इसमें गद्दी के लिए कालीन भईया और मुन्ना पंडित के बीच भिडंत का माहौल दिखाया गया है, इसके अलावा गुड्डू पंडित और शरद शुक्ला के अंदर बदले की आग सुलगती दिखी है। बदले की आग तो स्वीटी की बहन गोलू के अंदर भी सुलग रही है, जिनका एक अलग ही अवतार सीज़न 2 में देखने को मिलेगा


Mirzapur Season 2 के ट्रेलर की शुरुआत होती है कालीन भईया (पंकज़ त्रिपाठी) के डायलॉग के साथ "जो आया है... वो जाएगा भी...बस मर्जी हमारी होगी।" इसके बाद ट्रेलर में त्रिपाठी परिवार के बीच गद्दी के घमासान को दिखाया जाता है, मुन्ना (दिव्येंदु शर्मा) इस बार गद्दी पर बैठने को पूरा मन बना चुके हैं, लेकिन उनके नियम कायदे इस बार अलग होंगे। वहीं दूसरी ओर ट्रेलर में एंट्री होती है गुड्डू पंडित की (अली फज़ल) की, जिनका किरदार इस बार और भी ज्यादा दमदार दिख रहा है। गुड्डू पंडित और शरद शुक्ला (अंजुम शर्मा) के अंदर त्रिपाठियों के खिलाफ बदले की आग सुलग रही है, जहां गुड्डू अपने भाई की मौत का बदला लेना चाहता है, तो वहीं शरद अपने पिता की मौत का बदला लेना चाहता है। हालांकि, बदले और गद्दी के घमासान के बीच मिर्जापुर पर इस बार राज़ करने का मन बनाया है स्वीटी की बहन गोलू (श्वेता त्रिपाठी) ने भी। गोलू भी अपनी बहन की मौत का बदला लेने के लिए कुछ भी करने को तैयार है।


दूसरे सीज़न में आपको पुराने चेहरों के साथ कुछ नए चेहरे भी देखने को मिलेंगे। अली फज़ल (गुड्डू) के किरदार में दिखेंगे, पंकज त्रिपाठी (कालिन भैया) और दिव्येंदु (मुन्ना त्रिपाठी) के रूप में नज़र आएंगे। श्वेता त्रिपाठी (गोलू), रसिका दुगल कालिन भईया की पत्नी (बीना त्रिपाठी), हर्षिता शेखर गौड़ गुड्डू की छोटी बहन (डिंपी पांडे) के रूप में नज़र आएंगी। कुलभूषण खरबंदा के रूप में कालिन के पिता (अखंड त्रिपाठी), गुड्डू के पिता रमाकांत पंडित के रूप में (राजेश तैलंग) और गुड्डू की माँ के रूप में (शीबा चड्ढा) नज़र आएंगे। नए चेहरों में आपको अमित सियाल (इनसाइड एज), विजय वर्मा (गली बॉय), ईशा तलवार (आर्टिकल 15) और प्रियांशु पेन्युली (भावेश जोशी सुपरहीरो) जैसे स्टार्स दिखेंगे।


पुनित कृष्णा मिर्जापुर सीज़न 2 के निर्माता व लेखक हैं। हालांकि, मिर्जापुर के पहले सीज़न का निर्माण करण अनशुमन ने किया था, जो इस वक्त Inside Edge season 2 में व्यस्त हैं। गुरमित सिंह और मिहिर देसाई ने मिर्जापुर सीज़न 2 को डायरेक्ट किया है। वहीं, रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर, और कासिम जगमगिया इस सीज़न के एग्जिक्यूटिव प्रोड्यूसर्स हैं।


मिर्जापुर सीज़न 2 Amazon Prime Video पर 23 अक्टूबर को वर्ल्डवाइड रिलीज़ होगी।

Google Chrome ऐप में पासवर्ड सिक्योरिटी फीचर हुआ अपडेट

 Google Chrome एंड्रॉयड और आईओएस के लिए पासवर्ड सिक्योरिटी और अन्य सेफ्टी फीचर्स संबंधी सुधार लेकर आई है। अगर आपके सेव किए गए पासवर्ड के साथ छेड़खानी होती है, तो ब्राउज़र आपको तुरंत अलर्ट करते हुए पासवर्ड बदलने का फोर्म भेजेगा। Chrome आपके यूज़रनेम और पासवर्ड की एक कॉपी को सुरक्षित फॉर्मेट में Google को भेजेगा, जिसके बाद गूगल उस सुरक्षित फॉर्मेट में से आपके यूज़रनेम और पासवर्ड को बिना निकाले, छेड़छाड़ की गई जानकारी की जांच करेगा।



टेक्नोलॉजी दिग्गज ने ने वेब स्टैंडर्ड के लिए सपोर्ट जोड़ा है, जो वेबसाइट्स को पासवर्ड बदलने का यूआरएल देने का काम करता है। इससे यूज़र्स के पासवर्ड बलने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। इस स्टैंडर्ड के उपयोग से क्रोम यूज़र्स को उनके पासवर्ड से छेड़छाड़ होने का अलर्ट देगा और उसके तुरंत बाद उन्हें सीधा उस वेबपेज पर ले जाएगा, जहां वे अपना पासवर्ड बदल सकते हैं।

गूगल ने Chrome 86 में कुछ और फीचर्स भी पेश किए हैं, जिन्हें यूज़र सिक्योरिटी में सुधार करने के लिए जारी किया गया है। एंड्रॉयड के लिए पहले से बेहतर सुरक्षित ब्राउज़िग फीचर को भी जारी किया गया है, जिसके जरिए क्रोम आपको सेफ ब्राउजिंग सर्विस के साथ रीयल-टाइम डेटा शेयरिंग के जरिए फिशिंग, मैलवेयर और अन्य खतरनाक साइटों से सुरक्षा प्रदान करेगा। गूगल ने इस साल की शुरुआत में डेस्कटॉप के लिए एन्हैंस्ड सेफ ब्राउजिंग को जारी किया था और एक ब्लॉग पोस्ट में जानकारी दी थी कि प्रीडिक्टिव फिशिंग प्रोटेक्शन ने फिशिंग साइटों में अपने पासवर्ड टाइप करने वाले यूज़र्स की संख्या में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट देखी।


क्रोम ने आईओएस के लिए पासवर्ड की ऑटोफिलिंग से पहले बायोमेक्ट्रिक ऑथेन्टिकेशन स्टेप को भी जोड़ा है। आप अपनी फेस आईडी, टच आईडी या फिर फोन पासकोड के जरिए ऑथेन्टिकेशन सेट कर सकते हैं। यदि आप सेटिंग्स में क्रोम ऑटोफिल को ऑन करते हैं, तो क्रोम पासवर्ड मैनेजर आपको आईओएस ऐप्स या ब्राउज़र में सेव पासवर्ड को ऑटोफिल करने की अनुमति दे देगा।


क्रोम 86 एंड्रॉयड के लिए ‘mixed form warnings' भी लेकर आता है, जो यूज़र्स को HTTPS पेज पर एम्बेड हुए असुरक्षित फोर्म को सबमिट करने से पहले चेतावनी देगा। इस तरह के पेज यूज़र्स को असुरक्षित लिंक के जरिए डाउनलोड कंटेंट देते हैं या उन फोर्म का इस्तेमाल करते हैं, जो डेटा को असुरक्षित ढ़ंग से सबमिट करते हैं।

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